जलगांव के पारोला तालुका में पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने एक फर्जी शादी की, एक परिवार के सदस्यों को ज़हर दिया और शादी के सिर्फ दो दिन बाद ही भाग गईं। दुल्हन झारखंड की रहनेवाली है।
जलगांव : महाराष्ट्र के जलगांव जिले से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक नई-नवेली दुल्हन ने शादी के तीसरे दिन अपने पति और परिवार के तीन सदस्यों को खाने में जहर देकर मारने की कोशिश की। इस घटना के सिलसिले में पुलिस ने भागने की कोशिश कर रही दुल्हन समेत दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। यह मामला जलगांव जिले के परोला तालुका के वेल्हाने गांव का है।
बताया गया कि 7 अक्टूबर को 32 साल के एक आदमी की शादी हुई थी। 9 अक्टूबर को दुल्हन ने पति और परिवार के सदस्यों के खाने में चूहे मारने की दवा मिला दी। इसके बाद दुल्हन एक अन्य महिला के साथ घर से कुछ गहने और शादी में मिले पैसे लेकर फरार हो गई।
धुले में भर्ती परिवार
परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ने के बाद इस पूरे घटनाक्रम का पता चला। परिवार में बुजुर्ग जोड़े की तबीयत बिगड़ने पर उन्हे इलाज के लिए धुले के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू की।
गुस्साए लोगों ने जाम किया रोड
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिवार के अन्य सदस्यों ने दोनों महिलाओं को गिरफ्तार करने और उन पर चार्ज लगाने की मांग करते हुए पुलिस स्टेशन के सामने रोड जाम कर दिया। गांववालों के विरोध के बाद पुलिस टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए भागने की कोशिश कर रही दोनों महिलाओं को धुले जिले के निमगुल गांव के पास से हिरासत में ले लिया।
झारखंड की रहनेवाली है दुल्हन
आरोपी दुल्हन और अन्य महिला की गिरफ्तारी के बाद पता चला है कि दुल्हन झारखंड की रहने वाली है। उसका साथ देने वाली महिला भी झारखंड की निवासी हैं। इन महिलाओं के नाम सुमन सुभाष साहनी और आरती सूर्याक्ष पटेल हैं। बताया गया कि जलगांव के परोला क्षेत्र का रहने वाला युवक दूसरे राज्य की लड़की को 2.5 लाख रुपए में शादी करके लाया था।
आदिवासी समुदाय से हैं महिलाएं
आरोपी महिलाओं की पहचान सुमन साहनी और आरती पटेल के तौर पर हुई है, जिनकी उम्र 20-25 साल के बीच है। ये दोनों महिलाएं आदिवासी समुदाय से हैं और आपस में रिश्तेदार हैं। पुलिस के मुताबिक, एक एजेंट सुमन को झारखंड से पारोला लाया था और वेलहाने गांव के रहने वाले वाल्मीक पाटिल (32) से 2.5 लाख रुपये में उसकी शादी तय कराई थी। छत्तीसगढ़ की रहने वाली आरती भी सुमन के साथ आई थी। वाल्मीक ने 7 अक्टूबर को सुमन से शादी की और अगले दिन नवविवाहित जोड़ा मंदिर गया।
बड़े भाई की पत्नी और परिवार ने नहीं खाया था खाना
पुलिस ने बताया कि असली साज़िश 9 अक्टूबर को सामने आई। आरोप है कि सुमन और आरती ने परिवार के रात के खाने में ज़हर मिला दिया था। वाल्मीक, उसके पिता और मां ने खाना खाया और जल्द ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालांकि, वे यह सोचकर सो गए कि सुबह तक ठीक हो जाएंगे। दूल्हे के बड़े भाई ने खाने का बहुत कम हिस्सा खाया था, जबकि उसकी पत्नी और बच्चों ने खाना नहीं खाया। बाद में वाल्मीक का बड़ा भाई शाम की सैर के लिए निकला, लेकिन जब उसके दोस्तों ने देखा कि चलते समय उसका संतुलन बिगड़ रहा है, तो उन्होंने उसे घर वापस भेज दिया।
तड़के चार बजे भाग निकलीं महिलाएं
जब परिवार जहर के असर से जूझ रहा था, तभी आरोपी महिलाओं ने भागने का फ़ैसला किया। पुलिस ने बताया कि दोनों महिलाओं ने सुबह करीब 4 बजे एक गाड़ी किराए पर ली और गांव से भाग गईं। परिवार की इस मुश्किल का पता अगली सुबह चला, जब परिवार के तीन सदस्यों को जलगांव सिविल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बताया जा रहा है कि अब सभी की हालत स्थिर है।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
पारोला पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर दीपक पाटिल ने कहा कि जैसे ही हमें जानकारी मिली, हमने तलाशी अभियान शुरू किया। उनकी लोकेशन का पता लगाने के बाद, हमने धुले जिले के निमगुल गांव में दोनों महिलाओं को पकड़ लिया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 109(1) (हत्या की कोशिश), 123 (ज़हर देकर चोट पहुँचाना), 316(2) (भरोसा तोड़ने का अपराध) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पूर्व सपंच रह चुकी हैं मां
गांववालों का कहना है कि पाटिल परिवार आर्थिक रूप से संपन्न है। वाल्मीक की मां पूर्व सरपंच रह चुकी हैं। चूंकि वाल्मीक की औपचारिक शिक्षा कम है, इसलिए परिवार ने दुल्हन की तलाश में अपने इलाके से बाहर भी देखा था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी राज्यों में फैले शादी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं।

