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नासिक कुंभ मेला स्थल के पास भूजल में कैंसर से जुड़ा जहरीला रसायन मिला, महाराष्ट्र में बढ़ी चिंता

महाराष्ट्र के नासिक के अंबड इलाके में प्रयोगशाला में भूजल की जांच के दौरान चौंकानेवाली बात सामने आई है। पानी में जहरीले पदार्थ के होने का पता चला है। कैंसर से जुड़े रसायन ‘हेक्सावैलेंट क्रोमियम’ का स्तर सुरक्षित सीमा से 1,000 गुना से भी ज्यादा पाया गया है।

नासिक: महाराष्ट्र के नासिक में इस बार कुंभ होने जा रहा है। इस इलाके में भूजल में हेक्सावेलेंट क्रोमियम की मात्रा तय सीमा से लगभग 1,000 गुना ज़्यादा पाई गई है। इसके बाद उद्योगों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई शुरू की गई है और अगले साल होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले लोगों की सेहत और पानी की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि अंबाद इंडस्ट्रियल एरिया के पास दत्ता नगर से लिए गए सैंपल में क्रोमियम की मात्रा 50.3 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई, जबकि सुरक्षित सीमा 0.05 मिलीग्राम प्रति लीटर है। यहां के लोगों ने बोरवेल के पानी का रंग पीला होने की शिकायत की थी।

रविवार को नासिक दौरे के दौरान जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने ये नतीजे पेश किए। प्रसाद ने कहा, ‘लैब रिपोर्ट से पता चलता है कि क्रोमियम का स्तर 50.3 मिलीग्राम प्रति लीटर है, जबकि तय सीमा 0.05 मिलीग्राम प्रति लीटर है। यह लगभग 1,000 गुना ज्यादा है। हम प्रदूषण के स्रोत का पता लगाने और उसे रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं।’

15 औद्योगिक यूनिट्स को बंद करने का नोटिस

प्रशासन ने पहले ही एक संयुक्त प्रवर्तन अभियान शुरू कर दिया है। अब तक, जिला प्रशासन, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) और महाराष्ट्र औद्योगिक
विकास निगम (MIDC) की टीमों ने 15 औद्योगिक इकाइयों को या तो बंद करने का नोटिस दिया है या उन्हें सील कर दिया है। प्रदूषण के इस मामले ने सेहत से जुड़ी चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।

नंदिनी नदी का पानी गोदावरी में गिरता है

स्क्रीनिंग सर्वे में त्वचा की बीमारियों वाले 19 लोगों की पहचान की गई है, जबकि प्रभावित इलाके में लगभग 25,000 लोगों के रहने का अनुमान है। अधिकारियों को डर है कि यह समस्या सिर्फ़ एक इलाके तक सीमित नहीं है। इस इलाके से निकलने वाला औद्योगिक कचरा आखिर में नंदिनी नदी में गिरता है, जो गोदावरी नदी में मिलती है। यह एक बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के नासिक आने की उम्मीद है।

जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कई तरह की कार्रवाई की जा रही है, जिसमें कम से कम 15 इकाइयों को बंद करने का नोटिस देना और MIDC, MPCB और राजस्व अधिकारियों द्वारा संयुक्त सर्वे करना शामिल है। संदिग्ध इकाइयों की संख्या हर दिन बढ़ रही है।

MPCB अधिकारियों को अपने सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार

MPCB अधिकारियों ने कहा कि उन्हें अपनी सैंपल रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई पहले ही शुरू हो चुकी है, जिसमें बिना असरदार एफ्लुएंट ट्रीटमेंट सिस्टम के चल रहे उद्योग भी शामिल हैं। अधिकारियों को एमआईडीसी क्षेत्र के बाहर कम से कम एक इकाई ऐसी भी मिली जो एमआईडीसी या एमपीसीबी से अनिवार्य अनुमति के बिना संचालित हो रही थी। मुख्यमंत्री को सौंपी गई रिपोर्ट में कई तत्काल उपायों की सिफारिश की गई है, जिनमें सीवेज और वर्षा जल नेटवर्क से अवैध औद्योगिक कनेक्शनों को काटना, प्रदूषण के मार्गों का पता लगाना और विशेषज्ञों की सहायता से प्रभावित जलभंडार को साफ करना शामिल है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जलभंडार के उपचार के लिए भूजल सर्वेक्षण और विकास एजेंसी के विशेषज्ञों की आवश्यकता होगी। दोषी पाई गई इकाइयों को उचित अपशिष्ट उपचार प्रणाली स्थापित होने तक स्वेच्छा से अपना संचालन बंद करना होगा।

स्किन की प्रॉब्लम हो रहीं

साउथ एशिया नेटवर्क ऑन डैम्स, रिवर्स एंड पीपुल (एसएएनडीआरपी) ने कहा कि दूषित पानी के कारण स्थानीय निवासियों को त्वचा संबंधी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं और यह पानी स्थानीय नालों के जरिए गोदावरी नदी में भी पहुंच रहा है। यह संगठन नदियों और बांधों जैसी बड़े स्तर की जल परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर काम करता है।

एसएएनडीआरपी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि नदी के प्रभावित हिस्से में वे घाट भी शामिल हैं, जहां जल्द ही कुंभ मेले का आयोजन किया जाएगा। संगठन के अनुसार इससे शहर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है। जांच में कुल क्रोमियम की मात्रा 50.5 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई, जिसमें हेक्सावैलेंट क्रोमियम का स्तर 50.3 मिलीग्राम प्रति लीटर था। यह भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की ओर से पीने के पानी के लिए तय 0.05 मिलीग्राम प्रति लीटर की स्वीकार्य सीमा से 1,000 गुना से भी ज्यादा है।

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