बंगला साहिब गुरुद्वारे के अंदर पुलिस के प्रवेश करने और मर्यादा लांघने के आरोपों पर AAP और DSGMC आमने-सामने आ गए हैं।
नई दिल्ली: बंगला साहिब गुरुद्वारे में पुलिस बल के घुसने का आरोप लगाते हुए AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बंगला साहिब के अंदर पुलिस घुसी, ना ही उन्होंने जूते उतारे ना ही सिर ढका।
कुछ देर बाद डिलीट किया पोस्ट
उन्होंने कहा कि गैरकानूनी रूप से पुलिस गुरुद्वारे के अंदर घुसी, और इसका वीडियो करने शेयर वाले को डराने की कोशिश की। जब इसका वीडियो सोशल मीडिया में शेयर किया गया तो पुलिस ने इसे पुराना बताया और कुछ देर बाद यह दावा करता अपना पोस्ट डिलीट कर दिया।
मामले में क्या बोले DSGMC अध्यक्ष
वहीं, इस मामले में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (DSGMC) के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं ने गंदी राजनीति शुरू करते हुए गुरुघरों को बदनाम करना शुरू कर दिया। गुरुद्वारा साहब हर वर्ग के लोगों के लिए खुला है, वहां पर प्रदर्शनकारी जबरदस्ती गुरुद्वारे के हॉल में घुसने की कोशिश करते हैं। हमारे स्टाफ ने जब रोकना चाहा तो गुरुद्वारा परिसर में बैठकर नारे लगाने लगे।
आप विधायकों की देखी वीडियो
उन्होंने आगे कहा कि उनके हाथ में पोस्टर्स भी थे। इनको निकालने के लिए जब पुलिस आती है तो उसका मुद्दा बनाने की कोशिश हुई। अगर अंदर प्रदर्शनकारी भेजोगे तो उन्हें निकालने के लिए पुलिस आएगी ही। क्या आप चाहते हैं कि गुरुद्वारा साहब के अंदर आकर वो नारेबाजी करें। कालका ने कहा, मैंने आम आदमी पार्टी के दो-तीन विधायकों की वीडियो देखी है, जो शोर मचाने की कोशिश कर रहे हैं।
वायरल वीडियो पर पुलिस की सफाई
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे विडियो के संबंध में पुलिस ने कहा है कि आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मी गुरुद्वारा बंगला साहिब के अंदर गए और उनमे से कुछ ने जूते पहने हुए थे, वायरल वीडियो मे कुछ पुलिसकर्मियो को उस आम रास्ते पर चलते हुए दिखाया गया है, जिसका इस्तेमाल सभी श्रद्धालु उस जगह तक पहुंचने के लिए करते है, जहां गुरुद्वारे में प्रवेश करने से पहले जूते उतारे जाते हैं। गुरुद्वारे आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए यही प्रक्रिया है। यह वीडियो जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादे से फैलाया गया है ताकि एक सम्मानित धार्मिक समुदाय की भावनाओं को आहत किया जा सके।

