दिल्ली पुलिस ने टाटा मोटर्स में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने फर्जी रिक्रूटमेंट कॉल सेंटर चलाने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मोबाइल, एटीएम कार्ड और फर्जी जॉइनिंग लेटर बरामद किए।
नई दिल्ली: टाटा मोटर्स जैसी नामी कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह का नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फर्जी रिक्रूटमेंट कॉल सेंटर चलाने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी जॉब रिक्रूटमेंट प्लेटफॉर्म से नौकरी तलाशने वालों का डेटा हासिल करते थे। इसके बाद खुद को कंपनी की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा बताकर उन्हें कॉल करते और अलग-अलग चरणों में पैसे जमा करवाते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, सात एटीएम, डेबिट कार्ड, दो बैंक पासबुक, मोबाइल नंबरों वाले तीन नोटपैड और 6,730 रुपये कैश बरामद किया है। जांच में टाटा मोटर्स के फर्जी जॉइनिंग लेटर और QR कोड भी मिले हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सतीश चंदर मौर्या उर्फ करण उर्फ हरीश (30), बिंदिया उर्फ माही (20), प्रीति उर्फ सुप्रिया (22), प्राची उर्फ स्वीटी उर्फ नेहा (19) और राधिका उर्फ भूमि उर्फ अंशु (19) के रूप में हुई है। सतीश ने M.Sc किया है और एक्सिस बैंक में काम कर चुका है। बिंदिया BA कर रही है, जबकि प्रीति ने 11वीं तक पढ़ाई की है। नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की DCP निहारिका भट्ट ने बताया कि 1 सितंबर को AATS नॉर्थ की टीम को सूचना मिली थी कि झरोदा माजरा के संगम विहार इलाके में फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है।
टाटा मोटर्स के फर्जी जॉइनिंग लेटर, QR कोड मिले
12 मोबाइल, टैबलेट, ATM कार्ड और फर्जी जॉइनिंग लेटर बरामद
टेलीकॉलर को ट्रेनिंग देकर देते थे डेटा
पूछताछ में सतीश और प्रीति उर्फ सुप्रिया ने पुलिस को बताया कि उन्हें टेली कॉलर के तौर पर ट्रेनिंग दी गई थी और उम्मीदवारों का डेटा देकर उनसे संपर्क कराया जाता था। DCP निहारिका भट्ट ने बताया कि पुलिस अब डेटा के स्रोत, बैंक खातों, QR कोड, SIM कार्ड और ठगी की रकम के मनी ट्रेल की जांच कर रही है।

