अहमदाबाद में सरकारी घर योजना के तहत सस्ते दामों पर घर दिलाने का लालच देकर भोले-भाले मिडिल क्लास लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठने का एक बड़ा स्कैम सामने आया है। इस पूरे स्कैम का मास्टरमाइंड गुजराती फिल्म प्रोड्यूसर राजेंद्र राठौड़ निकला है, जिसने अपने पॉलिटिकल और ऊंचे लेवल के कॉन्टैक्ट्स का नेटवर्क दिखाकर आम लोगों को अपने जाल में फंसाया था।
बड़े नेताओं और अधिकारियों के साथ फोटो दिखाकर फर्जी शिकार
राजेंद्र राठौड़ अपनी पहुंच बहुत ऊपर तक साबित करने के लिए ताकतवर लोगों और बड़े बिजनेस लीडर्स के साथ अपने कनेक्शन का डर दिखाकर खुलकर इस्तेमाल करता था। सरकारी योजना के तहत गारंटी के साथ घर दिलाने के बहाने उसने एक-दो नहीं बल्कि कई आम और मिडिल क्लास परिवारों से उनकी मेहनत की कमाई के करोड़ों रुपये ऐंठ लिए थे। जनता का भरोसा जीतने के लिए वह अलग-अलग पहचान बनाकर लोगों को अपनी कहानियों में फंसाता था। पैसे मांगने गए पीड़ितों को खुलेआम धमकाते हुए कहा: “कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता, जो चाहो कर लो!”
जब हाउसिंग स्कीम के नाम पर लंबा समय बिताने के बाद भी जिन लोगों को घर नहीं मिले थे, वे अपनी मेहनत की कमाई वापस मांगने आए, तो प्रोड्यूसर राजेंद्र राठौड़ अपने असली रंग में आ गए। पीड़ितों के मुताबिक, उन्होंने पैसे देने से साफ मना कर दिया और बहुत ज़्यादा पावर और रौब दिखाते हुए धमकी दी, “मेरी बड़े लोगों से जान-पहचान है, तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते, जो चाहो कर लो!”
होम मिनिस्टर हर्ष संघवी से लेकर पुलिस कमिश्नर तक लिखी हुई शिकायतों की बाढ़
इस बड़े स्कैम का शिकार हुए बेबस लोगों ने अब पूरे देश में लड़ाई शुरू कर दी है। पीड़ितों ने इस मामले में सबूतों के साथ राज्य के होम मिनिस्टर हर्ष संघवी, बड़े पुलिस अधिकारियों और संबंधित पुलिस थानों में लिखी हुई शिकायतें की हैं। अपना घर बनाने का सपना देखने वाले गरीब और मिडिल क्लास लोग अब इंसाफ का इंतज़ार कर रहे हैं। देखना यह है कि होम डिपार्टमेंट और पुलिस सिस्टम इस फिल्म प्रोड्यूसर के खिलाफ क्या सख्त एक्शन लेता है और आम आदमी को उसकी मेहनत की कमाई कब वापस मिलेगी।

