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मदुराई में पहली बार निकली भव्य कावड़ यात्रा । पंचमुखी हनुमान मंदिर से शिवन कोविल तक गूंजा ‘हर-हर महादेव’ का जयघोष

संवाददाता : दिनेश सालेचा मदुराई, तमिलनाडु। : भगवान भोलेनाथ की भक्ति, आस्था एवं श्रद्धा को समर्पित मदुराई की पहली भव्य कावड़ यात्रा रविवार, 30 अगस्त 2026 को हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हुई। यात्रा का शुभारंभ रविवार रात्रि 12 बजे पंचमुखी हनुमान मंदिर प्रांगण से हुआ। बड़ी संख्या में शिवभक्त केसरिया वस्त्र धारण कर कावड़ लेकर यात्रा में शामिल हुए।

प्रवासी समाज प्रवक्ता दिनेश सालेचा ने बताया कि मदुराई में आयोजित इस भव्य कावड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान महादेव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धा एवं भक्ति भाव से सहभागी बने।

यात्रा अलगर कोविल क्षेत्र से होकर मदुराई स्थित इननन्मै थरुवर शिवन मंदिर तक पहुंची, जहां भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर यात्रा का विधिवत समापन किया गया। पूरी यात्रा के दौरान ‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से वातावरण शिवमय एवं भक्तिमय बना रहा। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने कावड़ यात्रियों का उत्साहवर्धन किया।

भजन संध्या एवं हनुमान चालीसा से हुआ शुभारंभ

कावड़ यात्रा के शुभारंभ से पूर्व पंचमुखी हनुमान मंदिर प्रांगण में भजन संध्या का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भजनों का गुणगान किया तथा सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर भगवान हनुमान एवं भोलेनाथ का स्मरण किया। इसके बाद जयकारों के बीच कावड़ यात्रा को रवाना किया गया।

शहर के विभिन्न समाजों एवं संस्थाओं के गणमान्यजन भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। उन्होंने कावड़ यात्रियों को शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए पंचमुखी हनुमान मंदिर से यात्रा को विधिवत रवाना किया। श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर खासा उत्साह नजर आया और पूरा मंदिर परिसर भगवा रंग में रंगा दिखाई दिया।

कावड़ यात्रा में युवाओं सहित विभिन्न समाजों के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में भगवा ध्वज, कंधों पर कावड़ और मुख पर ‘हर-हर महादेव’ का जयघोष यात्रा की विशेष पहचान बना रहा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने अनुशासन एवं धार्मिक मर्यादा का पालन करते हुए भक्तिभाव से अपनी यात्रा पूरी की।

यात्रा की व्यवस्थाओं में शंकर सिंह राजपुरोहित, विक्रम प्रजापत, रमेशकुमार चौधरी, अशोक प्रजापत, भंवरलाल घांची, भगाराम प्रजापत सहित मदुराई के विभिन्न समाजों के कर्मठ कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा। कार्यकर्ताओं ने पूरी यात्रा को सफल, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मदुराई में पहली बार आयोजित हुई इस कावड़ यात्रा ने भक्ति, सेवा, सामाजिक एकता और सनातन संस्कृति का सुंदर संदेश दिया। यात्रा के सफल आयोजन से शिवभक्तों एवं प्रवासी समाज में उत्साह का माहौल रहा। भगवान शिव के जयकारों से गूंजती यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का यादगार अवसर बन गई।

‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ सम्पन्न हुई मदुराई की पहली भव्य कावड़ यात्रा ने शहर में भक्ति और एकता की नई मिसाल कायम की।

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