श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ ने किया भरतपुर तीर्थ के ट्रस्टीगण का आत्मीय बहुमान
नागदा (ब्रजेश बोहरा) गुरु राजेन्द्र की जन्मभूमि राजस्थान की पावन तीर्थभूमि श्री भरतपुर महातीर्थ में आयोजित होने वाले दादा गुरुदेव परम पूज्य श्रीमद् विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की जन्म द्विशताब्दी महोत्सव का भावपूर्ण अग्रिम निमंत्रण लेकर श्री राजेन्द्रसूरि जैन कीर्ति मंदिर तीर्थ, भरतपुर के ट्रस्टीगण नागदा पहुंचे।
प्रतिनिधिमंडल ने सर्वप्रथम नागदा में चातुर्मास हेतु विराजमान पूज्य साध्वी श्री अर्हमव्रता श्रीजी म.सा. आदि ठाणा-4 के दर्शन-वंदन कर मांगलिक श्रवण किया तथा दादा गुरुदेव श्री की जन्म द्विशताब्दी के अवसर पर आयोजित होने वाले भव्यातिभव्य महोत्सव का भावपूर्ण अग्रिम निमंत्रण श्रीसंघ को प्रदान किया।
अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने बताया कि भरतपुर तीर्थ से नागदा पधारे प्रतिनिधिमंडल में तीर्थ ट्रस्ट अध्यक्ष श्री बाबूलालजी लालचंदजी कटारिया संघवी (धानसा-दिल्ली), महामंत्री श्री विमलकुमारजी नैनमलजी वेदमूथा (भूति-सूरत), उपाध्यक्ष श्री शेषमलजी बाबूलालजी क्षत्रीय वोरा (सुराणा-दिल्ली), कोषाध्यक्ष श्री कान्तीलालजी मगराजजी संघवी (आकोली-अहमदाबाद), सहकोषाध्यक्ष श्री राजेन्द्रकुमारजी शंकरलालजी दंगवाड़ा (बड़नगर) तथा सहमहामंत्री श्री मुकेशकुमारजी सोमतमलजी दोशी (भीनमाल-मुंबई) शामिल रहे।
इस अवसर पर नागदा श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ के अध्यक्ष मनीष ओरा के नेतृत्व में श्रीसंघ के पदाधिकारियों एवं समाजजनों ने भरतपुर तीर्थ के सभी ट्रस्टीगण का आत्मीय बहुमान किया।
बहुमान करने वालों में श्रीसंघ उपाध्यक्ष सुरेन्द्र कांकरिया, चातुर्मास समिति अध्यक्ष शरद आंचलिया, ट्रस्टी अभय चोपड़ा, श्री राजेन्द्र सूरि जैन ज्ञान मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ब्रजेश बोहरा, ट्रस्टी सुभाष गेलड़ा तथा सुरेश ओरा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
दादा गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की जन्म द्विशताब्दी के उपलक्ष्य में 8 जनवरी से 16 जनवरी 2027 तक भव्यातिभव्य अष्टाह्निका महोत्सव गुरु राजेन्द्र की जन्मभूमि श्री भरतपुर महातीर्थ में आयोजित किया जाएगा। मुख्य गुरुपर्वोत्सव एवं गुरु सप्तमी पोष सुदी सातम, शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाई जाएगी।
भरतपुर तीर्थ ट्रस्ट मंडल द्वारा सम्पूर्ण भारत के श्रीसंघों तक इस ऐतिहासिक महोत्सव का अग्रिम निमंत्रण पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में प्रतिनिधिमंडल विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर गुरु भक्तों को भावपूर्ण अग्रिम निमंत्रण प्रदान कर रहा है। नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट

