cपटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली रेस क्लब को 15 दिनों में परिसर खाली करने के केंद्र सरकार के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि क्लब पहली नजर में ऐसा ठोस आधार नहीं दिखा सका, जिससे बेदखली आदेश पर अंतरिम रोक लगाई जा सके।
दिल्ली रेस क्लब को पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ा झटका लगा है।
नई दिल्ली: लुटियंस दिल्ली में स्थित करीब एक सदी पुराने दिल्ली रेस क्लब को पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने मंगलवार को केंद्र सरकार के 11 अगस्त के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें क्लब को 15 दिनों के अंदर परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया था।
प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज पीतांबर दत्त ने क्लब की अर्जी खारिज करते हुए कहा कि वह पहली नजर में ऐसा ठोस आधार नहीं बना सका, जिसके चलते एस्टेट ऑफिसर के बेदखली आदेश पर रोक लगाई जा सके।
यह मामला सेंट्रल गोल्फ लिंक रोड पर प्रधानमंत्री के सरकारी आवास के सामने स्थित क्लब की जमीन से जुड़ा है।
एस्टेट ऑफिसर ने पब्लिक प्रीमिसेस (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) एक्ट के तहत 11 अगस्त को क्लब को परिसर खाली करने का आदेश दिया था।
क्लब ने इसके खिलाफ अपील करते हुए तत्काल रोक की मांग की थी।
सारी दलीलें खारिज
क्लब की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट सुहेल दत्त ने दलील दी कि बेदखली की कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। उनका कहना था कि बार-बार मांग के बावजूद क्लब को उस शिकायत या दावे की कॉपी नहीं दी गई, जिसके आधार पर कार्रवाई शुरू हुई। उन्होंने यह भी कहा कि इसी विवाद से जुड़ा 1999 का शो-कॉज नोटिस दिल्ली हाई कोर्ट पहले ही रद्द कर चुका है। हालांकि, इन दलीलों के बावजूद अदालत ने बेदखली आदेश पर रोक से इनकार किया। अब क्लब की अपील पर आगे सुनवाई होगी।

