दिल्ली फायर सर्विस का मुख्यालय करीब साढ़े तीन साल से खतरनाक घोषित इमारत में चल रहा है। PWD ने जनवरी 2023 में भवन को जर्जर बताया था। इसके बाद कई हिस्से गिर चुके हैं। नए मुख्यालय के निर्माण और शिफ्टिंग की कई योजनाएं अब तक अटकी हुई हैं।
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में कोई भी ऊंची बिल्डिंग, होटल, रेस्टोरेंट, ऑफिस यदि बनता है, तो उन्हें दिल्ली फायर सर्विस से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना पड़ता है। लेकिन उसी दिल्ली फायर सर्विस का मुख्यालय पिछले करीब साढ़े 3 साल से खतरनाक घोषित बिल्डिंग में चल रहा है। जहां फायर ऑपरेटर से लेकर डिपार्टमेंट के हेड प्रिंसिपल डायरेक्टर तक बैठ रहे हैं। खतरनाक घोषित होने के बाद 5 से 6 बार अलग-अलग कमरों और बिल्डिंग के हिस्सों में प्लास्टर या कमरे का हिस्सा डैमेज होकर गिर चुका है। पिछले साल 15 अगस्त के दिन ही एक कमरे का बहुत बड़ा हिस्सा अचानक गिर गया था।
27 जनवरी 2023 को किया गया था खतरनाक घोषित
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 27 जनवरी 2023 को लोक निर्माण विभाग ने आधिकारिक रूप से फायर हेडक्वार्टर की इस बिल्डिंग को खतरनाक घोषित कर दिया था। उसमें साफ बताया गया कि इस बिल्डिंग की हालत जीर्ण-शीर्ण हो चुकी है।
यदि कोई भी हादसा होता है, तो लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी नहीं होगी।
यहां बैठने वाले अधिकारियों में प्रिंसिपल डायरेक्टर के अलावा चीफ फायर ऑफिसर, डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर, डिविजनल ऑफिसर, असिस्टेंट डिविजनल ऑफिसर, असिस्टेंट कमिश्नर फायर, असिस्टेंट डायरेक्टर आईटी, लीगल एक्सपर्ट, सीनियर अकाउंट ऑफिसर, फायर डिपार्टमेंट के विजिलेंस डिपार्टमेंट के ऑफिसर सहित फायर ब्रिगेड से संबंधित 100 से ज्यादा अधिकारी शामिल हैं।
3.5 साल से खतरनाक घोषित हो चुकी बिल्डिंग में चल रहा है फायर विभाग का मुख्यालय
पिछले कुछ साल में 5 से 6 बार गिर चुके हैं बिल्डिंग के अलग-अलग कई हिस्से
अब तक 7 चीफ बदले, लेकिन स्थिति जस की तस
एक योजना शंकर रोड स्थित फायर स्टेशन की खुद की बिल्डिंग में हेडक्वार्टर शिफ्ट करने की बनी। वहां सेकेंड फ्लोर पर अकाउंट ऑफिस चल रहा है। जिसे हटाकर हेड क्वार्टर बनाने की प्लानिंग शुरू हुई, लेकिन वह मामला भी अधर में लटक गया। कब तक इस खतरनाक बिल्डिंग में फायर हेड क्वार्टर चलेगा, यह कहना अभी मुश्किल लग रहा है। क्योंकि अभी तक फायर चीफ के रूप में 7 अधिकारी बदल चुके हैं। अब उम्मीद की जा रही है कि दिल्ली फायर सर्विस के नए मुखिया सचिन राणा इस पर ध्यान देंगे।
पहले PWD, फिर NBCC और अब DMRC का नाम
यह भी पता चला है कि 2023-2024 में दिल्ली फायर सर्विस को इसके लिए कोई बजट नहीं दिया गया। जिस कारण उस समय भी कुछ नहीं हुआ। बीच में पता चला कि लोक निर्माण विभाग से नक्शा पास होने के बाद बिल्डिंग बनेगी। फिर पता चला कि NBCC द्वारा दिल्ली फायर सर्विस का मुख्यालय बनाया जाएगा। अब यह बात सामने आ रही है कि डीएमआरसी दिल्ली फायर सर्विस का मुख्यालय बना सकती है। नई सरकार ने 500 करोड़ रुपये में दिल्ली फायर सर्विस के नए मुख्यालय बनाने की बात कही थी।
किराये की बिल्डिंग में चलाने की प्लानिंग अधर में
सूत्रों के अनुसार, पिछली सरकार में फायर हेड क्वार्टर को किराये की बिल्डिंग में ले जाने की योजना बनी और सर्वे किया गया था। कनॉट प्लेस में एक बहुमंजिला इमारत में 75 लाख रुपये मंथली किराया मांगा गया। उस हिसाब से 1 साल में 9 करोड़ और 4 साल में 36 करोड़ रुपये का खर्च तय हुआ। योजना थी कि 4 साल में फायर हेडक्वार्टर की नई बिल्डिंग बन जाएगी। तब तक यही हेडक्वार्टर चलाया जा सकता है, लेकिन 36 करोड़ के कारण मामला अधर में लटक गया।

