अहमदाबाद। अमरेली जिले में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम की तस्वीरों को लेकर अब राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। लाठी तालुका के दूधाला गांव के पास गागड़िया नदी पर ‘गुजरात गौरव सरोवर’ के लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और अमरेली जिला प्रभारी एवं कृषि मंत्री जीतू वाघाणी सहित कई नेता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के बाद सरकारी सूचना विभाग की ओर से जारी की गई तस्वीरों में अमित शाह और जीतू वाघाणी के बीच दिखाई देने वाली दूरी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। मंच पर और तस्वीरें खिंचवाते समय दोनों नेताओं के बीच दूरी साफ दिखाई देने की बात कही जा रही है।
मंच पर और तस्वीरों में दिखी दूरी
कार्यक्रम में अमरेली जिले के प्रभारी और कृषि मंत्री जीतू वाघाणी भी मौजूद थे। हालांकि, कार्यक्रम से संबंधित जारी तस्वीरों में अमित शाह और जीतू वाघाणी के बीच दिखाई दे रही दूरी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि जीतू वाघाणी अमित शाह से दूर क्यों रहे या उन्हें दूर क्यों रखा गया। हालांकि, इस संबंध में अभी तक जीतू वाघाणी, अमित शाह या सरकार के किसी विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
इसलिए तस्वीरों में दिखाई दे रही दूरी को लेकर चल रही चर्चाओं को फिलहाल राजनीतिक अटकलों के रूप में ही देखा जा रहा है।
प्रोटोकॉल को लेकर भी चर्चा
गौरतलब है कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुजरात के दौरे पर आते हैं, तो सरकारी कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल के अनुसार मंच पर नेताओं की बैठने और खड़े होने की व्यवस्था पहले से तय की जाती है। इसी तरह आधिकारिक तस्वीरों के दौरान भी नेताओं की स्थिति और स्थान निर्धारित किए जा सकते हैं।
इसी वजह से अमरेली के इस कार्यक्रम में अमित शाह और जीतू वाघाणी के बीच तस्वीरों में दिखाई दे रही दूरी को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों और विपक्षी खेमे में चर्चा शुरू हो गई है।
हालांकि, केवल तस्वीरों के आधार पर दोनों नेताओं के बीच किसी तरह के मतभेद या राजनीतिक विवाद का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अमित शाह ने जल संरक्षण कार्यों की सराहना की
‘गुजरात गौरव सरोवर’ के लोकार्पण समारोह में अमित शाह ने अमरेली क्षेत्र में धोलकिया फाउंडेशन द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि फाउंडेशन के संस्थापक सवजीभाई ने नदियों को पुनर्जीवित करने और तालाबों को गहरा करने का महत्वपूर्ण संकल्प लिया है। ‘गुजरात गौरव सरोवर’ का लोकार्पण उनके लिए खुशी के साथ-साथ आत्मिक संतोष का अवसर भी है।
अमित शाह ने कहा कि सवजीभाई और उनके परिवार ने जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे इस क्षेत्र के लोगों के जीवन में पानी की उपलब्धता बेहतर हुई है। उन्होंने राज्यसभा सांसद गोविंदभाई धोलकिया द्वारा आदिवासी बहुल क्षेत्रों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों और धर्म-संस्कृति से जुड़े प्रयासों की भी सराहना की।
गुजरात में जल असमानता दूर करने के प्रयासों का उल्लेख
अमित शाह ने कहा कि गुजरात में पानी की असमानता को दूर करने के लिए जनभागीदारी और जनआंदोलन के माध्यम से लगातार प्रयास किए गए हैं। सौराष्ट्र में ‘सौनी योजना’ तथा उत्तर गुजरात में नर्मदा और ‘सुजलाम सुफलाम’ जैसी योजनाओं के माध्यम से पानी पहुंचाने और भूजल स्तर बढ़ाने के प्रयास किए गए।
उन्होंने कहा कि गुजरात आज सूखे से मुक्त राज्य की दिशा में आगे बढ़ा है और इस उपलब्धि में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व तथा गुजरात की जनता के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
हर्ष संघवी ने फाउंडेशन के कार्यों को सराहा
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने धोलकिया फाउंडेशन को बधाई देते हुए कहा कि क्षेत्र की वर्षों पुरानी नदियां समय के साथ सूख गई थीं और कई स्थानों पर मिट्टी का विस्तार दिखाई देने लगा था। ऐसी नदियों को पुनर्जीवित करने का महत्वपूर्ण कार्य सवजीभाई, उनके परिवार और फाउंडेशन ने अपने हाथों में लिया।
उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के दौरान भी कार्यकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जेसीबी मशीनों के जरिए काम किया गया। इसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में पांचवें सरोवर को पुनर्जीवित करने में सफलता मिली है।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
‘गुजरात गौरव सरोवर’ के लोकार्पण समारोह में अमरेली जिला प्रभारी एवं कृषि मंत्री जीतू वाघाणी, ऊर्जा राज्य मंत्री कौशिकभाई वेकरिया, राज्यसभा सांसद गोविंदभाई धोलकिया, सांसद भरतभाई सुतरिया, लाठी-बाबरा क्षेत्र के विधायक जनक तलाविया, सावरकुंडला-लीलिया क्षेत्र के विधायक महेश कसवाला, जिला पंचायत अध्यक्ष दक्षाबेन चोडवडिया सहित धोलकिया परिवार के सदस्य और क्षेत्र के प्रमुख लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में अमरेली जिले के अग्रणी नागरिकों, सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी हिस्सा लिया।
फिलहाल कार्यक्रम की तस्वीरों में अमित शाह और जीतू वाघाणी के बीच दिखाई दे रही दूरी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनी हुई है। हालांकि, इस दूरी के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

