सूरत। गुजरात में कागजों पर सख्त शराबबंदी के दावों के बीच सूरत के वराछा इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी के गृह शहर सूरत में वराछा पुलिस थाने की सीमा में कथित तौर पर चल रहे शराब के अड्डे पर स्थानीय लोगों ने खुद पहुंचकर ‘जनता रेड’ की। इस कार्रवाई का वीडियो भी बनाया गया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जिस कार्रवाई की जिम्मेदारी पुलिस की है, उसके लिए उन्हें खुद सड़क पर उतरना पड़ा। घटना सामने आने के बाद वराछा क्षेत्र में पुलिस की निगरानी और शराबबंदी के अमल को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
जनता रेड के बाद पुलिस व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों ने वराछा इलाके में कथित शराब के अड्डे पर अचानक पहुंचकर कार्रवाई की और पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग की। कार्रवाई के दौरान मौके से देशी और विदेशी शराब का जत्था तथा नशे में बताए जा रहे कुछ लोग मिलने का दावा किया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस अपने स्तर पर नियमित निगरानी और कार्रवाई कर रही होती तो नागरिकों को इस तरह खुद कार्रवाई करने के लिए आगे नहीं आना पड़ता।
क्या शराब तस्करों में पुलिस का डर नहीं?
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं कि सूरत जैसे बड़े शहर में शराबबंदी के बावजूद यदि पुलिस थाने की सीमा में कथित तौर पर शराब का अड्डा चल रहा था, तो पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली।
लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि क्या शराब तस्करों को कानून का डर नहीं रहा या फिर कहीं स्थानीय स्तर पर कथित मिलीभगत और अवैध वसूली का खेल तो नहीं चल रहा था।
हालांकि, पुलिस या प्रशासन की मिलीभगत अथवा अवैध वसूली से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शराब का अड्डा कितने समय से चल रहा था और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।
गृह विभाग के शराबबंदी के दावों पर भी सवाल
गुजरात सरकार और गृह विभाग की ओर से राज्य में शराबबंदी के कड़े अमल की बात लगातार कही जाती रही है। ऐसे में गृह राज्य मंत्री के गृह शहर सूरत में और वराछा जैसे महत्वपूर्ण पुलिस थाना क्षेत्र में इस तरह की घटना सामने आना प्रशासन के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जनता की इस कार्रवाई के बाद पुलिस क्या कदम उठाती है और कथित शराब के अड्डे के संचालन के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई?
घटना के बाद स्थानीय लोगों की नजर अब पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। क्या वराछा पुलिस थाना क्षेत्र में शराब के अवैध कारोबार की निगरानी में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी या फिर मामला केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाएगा?
फिलहाल जनता रेड का यह मामला सूरत में शराबबंदी के अमल और पुलिस की निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।

