उत्तर प्रदेश में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग अब ओबीसी युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण के साथ एआई ट्रेनिंग भी देगा। इसके साथ ही ओबीसी छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावासों का निर्माण भी किया जाएगा।
लखनऊ: पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग अब ओबीसी युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) की भी ट्रेनिंग देगा। इसके लिए विभाग ने ‘मुख्यमंत्री तकनीकी दक्षता प्रशिक्षण योजना’ के नाम से नई योजना का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके साथ ही विभाग ने एक और नई योजना का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके जरिए जिलों में ओबीसी छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावासों का निर्माण होगा। इसे ‘मुख्यमंत्री छात्रावास निर्माण योजना’ नाम दिया गया है।
छात्र-छात्राओं को एआई ट्रेनिंग भी दी जाएगी
पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि विभाग की ओर से अभी ओबीसी छात्र-छात्राओं को मुफ्त कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके तहत विद्यार्थियों को ‘ओ लेवल’ और ‘ट्रिपल सी’ के कोर्स करवाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सिर्फ कंप्यूटर प्रशिक्षण ही पर्याप्त नहीं है। इसे ध्यान में रखते हुए ओबीसी छात्र-छात्राओं को कम्प्यूटर के साथ एआई की भी ट्रेनिंग दिए जाने की तैयारी की गई है। इसके लिए विभाग ने मुख्यमंत्री तकनीकी दक्षता प्रशिक्षण योजना’ का प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा है। उन्होंने आगे बताया कि इस योजना को विभाग की कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना के साथ जोड़कर चलाया जाएगा।
सात जिलों में बनेंगे छात्रावास
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि विभाग की ओर से अब तक प्रदेशभर में ओबीसी छात्र-छात्राओं के लिए 102 छात्रावासों का निर्माण करवाया जा चुका है। इनमे 59 हॉस्टल छात्रों के लिए और 43 हॉस्टल छात्राओं के लिए है। इन हॉस्टल की क्षमता 5400 छात्र-छात्राओं की है। उन्होंने बताया कि अब भी सात जिले ऐसे है, जहां ओबीसी छात्र-छात्राओं के लिए एक भी छात्रावास नहीं है। इन जिलों में छात्रावास निर्माण के लिए विभाग ने मुख्यमंत्री छात्रावास निर्माण योजना का प्रस्ताव तैयार किया है।
‘केंद्र से पैसा मिलते ही शुरू होगा निर्माण’
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि नए छात्रावासों के निर्माण में केंद्रांश के लिए 24 करोड़ रुपये की डिमांड भारत सरकार को भेजी गई है। केंद्र से पैसा मिलते ही इन जिलों में भी उक्त योजना के तहत छात्रावासों का निर्माण शुरू हो जाएगा।

