उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित एमजी रोड पर सड़क के बीचों-बीच बनी विवादित मजार को हटा दिया गया। ये मजार लंबे समय से यातायात में बाधक बनी हुई थी जिसके चलते कई सड़क हादसे हो चुके थे। मंगलवार सुबह पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों की सहमति के साथ इसे दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की बात कही है। हालांकि मजार को हटाने की लेकर लंबे समय से हिंदूवादी संगठन के लोग मांग कर रहे थे।
एमजी रोड, आगरा कॉलेज के सामने हजरत रुस्तम सईद शाह बाबा की मजार बनी हुई थी। कई वर्ष पुरानी ये मजार सड़क के बीच में आ गई थी जो कि शहर के बढ़ते ट्रैफिक और भीड़ के दवाब के चलते परेशानी का कारण बन रही थी। मंगलवार सुबह एमजी रोड का ट्रैफिक दोनों साइड से रोका गया और बुलडोजर से चंद मिनटों में मजार को हटा दिया गया। एडिशनल डीसीपी हिमांशु गौरव का कहना है कि मजार को सामने वाली दरगाह में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
हिंदूवादी संगठन कर रहे थे मांग
मजार को हटाने के लिए पहल करने वाले योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने पुलिस और प्रशासन से मांग की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने जनवरी 2026 में कोर्ट में मजार हटाने के लिए वाद दाखिल किया था। अजय तोमर का कहना है कि मजार से यातायात प्रभावित होता था। कई हादसे में हो चुके थे। उन्होंने कहा कि मजार के सामने बनी दरगाह भी अतिक्रमित है। वह भी बाधा बनी हुई है।
ट्रैफिक होगा सुगम
समाजसेवी और बीजेपी नेता केके भारद्वाज का कहना है कि एमजी रोड शहर की लाइफ लाइन कही जाती है। एमजी रोड पर सरकारी विभागों के साथ-साथ एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, सेंट जोंस कॉलेज समेत कई प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान बने हैं। वाहनों और लोगों की भीड़ के कारण सडक़ पर अधिक ट्रैफिक रहता था, लेकिन मजार के चलते वाहनों को निकलने में मुश्किलें होती थी। इसके अलावा एमजी रोड़ पर इन दिनों ओवरहेड मेट्रो रेल का काम भी चल रहा है। इस वजह से शहरवासियों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही थीं।

