अयोध्या के भगवान श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस मैदान में उतर आई है। उसने अयोध्या में कई होर्डिंग लगा दिए हैं। इन पर स्कंद पुराण के अनुसार इस अपराध की सजा का जिक्र है।
अयोध्या: उत्तर प्रदेश का अयोध्या शहर पहले राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के लिए दुनिया भर में चर्चित हुआ और बाद में भव्य राम मंदिर के निर्माण को लेकर पूरी दुनिया में सुर्खियों में रहा। अब यह शहर भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर में आने वाले चढ़ावे, यानी दान राशि की चोरी के आरोप को लेकर सुर्खियों में है। सिर्फ इतना ही नहीं, अब मंदिर में दान राशि की चोरी का मुद्दा यूपी की राजनीति के केंद्र में भी आ चुका है। समाजवादी पार्टी के बाद कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को हथियार बनाकर बीजेपी के खिलाफ इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने अयोध्या में बड़े-बड़े होर्डिंग लगा दिए हैं जो लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
सपा ने चढ़ावे की चोरी का मामला सुलगाया
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी-मार्च में होने की संभावना है। इससे पहले समाजवादी पार्टी ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सुलगा दिया है। सपा के बाद विपक्ष के इंडिया गठबंधन में उसकी सहयोगी पार्टी कांग्रेस भी चढ़ावे की चोरी के मुद्दे को लेकर मैदान में उतर चुकी है। चूंकि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का श्रेय बीजेपी ने लिया तो अब मंदिर में चोरी के मामले में भी बीजेपी ही विपक्ष के निशाने पर है।
क्या लिखा है स्कंद पुराण में?
कांग्रेस ने अयोध्या में बड़े-बड़े होर्डिंग लगवा दिए हैं। इन पर स्कन्द पुराण का एक श्लोक और उसका अर्थ लिखा गया है। इस श्लोक में मंदिर की धन-सम्पत्ति चुराने वालों को जन्म-जन्मांतर तक चलने वाली सजा का उल्लेख है। स्कन्द पुराण का श्लोक है- ‘स्वदत्तं परदत्तं वा यो हरेत वसुंधरां, षष्टिवर्षसहस्त्राणि विष्ठायां जायते कृमि:।’ इसका अर्थ है, ‘जो व्यक्ति मंदिर को दी गई भूमि या संपत्ति (दान का धन) को चुराता है या हड़प लेता है, वह अगले 60 हजार वर्षों तक नरक में कीड़े के रूप में जन्म लेता है।’
करीब 200 करोड़ की दान राशि की चोरी का आरोप
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में बड़ी मात्रा में चढ़ावे की चोरी का आरोप लगाया गया है। मंदिर से करीब 200 करोड़ रुपये की दान राशि की चोरी का आरोप है। बताया जाता है कि मंदिर के चढ़ावे की राशि की गणना एक गुप्त कमरे में 50 कर्मचारी करते हैं। इनमें से 24 कर्मचारी नोट गिनकर उनके बंडल बनाते हैं। मंदिर के ट्रस्ट ने एक प्राइवेट एजेंसी के जरिए इन कर्मचारियों को रखा है। ट्रस्ट के कुल 12 कर्मचारी नोट गिनने वाले 24 कर्मचारियों पर नजर रखते हैं। इसके अलावा 14 कर्मचारी ऐसे हैं जो स्टेट बैंक के कर्मचारी हैं या टीसीएस की ऑडिट टीम के सदस्य हैं। अब यह सभी 50 कर्मचारी और उनको नियुक्त करने वाले ट्रस्ट के लोग संदेह के घेर में हैं। उनकी जांच की जा रही है। मंदिर ट्रस्ट के एक पूर्व कर्मचारी ने इस चोरी का खुलासा किया था।
श्रीराम मंदिर में दान राशि की चोरी के मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। मामले की जांच शुरू भी हो गई है। हालांकि विधानसभा चुनाव से पहले इस मामले ने यूपी का राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। पहले जहां बीजेपी अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का श्रेय लेते हुए चुनावों में प्रचार करती रही वहीं अब राम मंदिर की दान राशि की चोरी के मुद्दे को लेकर वह खुद विपक्ष के निशाने पर आ गई है।

