ग्लोबल आइकन और अपने एकदम बोल्ड अंदाज के लिए जानी जाने वाली एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं। हाल ही में शादी, रिश्तों और सामाजिक सोच को लेकर दिया गया उनका एक बयान सोशल मीडिया से लेकर सोशल सर्कल में ज़ोरदार चर्चा में है। प्रियंका ने सीधे तौर पर पुरुषों और समाज की सोच पर हमला बोला है और कहा है, “किसी को भी अपने लिए ‘वर्जिन पत्नी’ ढूंढने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि ‘वर्जिनिटी’ तो बस एक रात में खत्म हो जाती है…”
प्रियंका के इस तीखे कमेंट के बाद सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग विचारधाराएं आमने-सामने आ गई हैं। एक तरफ पारंपरिक सोच वाला वर्ग इस बयान का विरोध कर रहा है, तो दूसरी तरफ मॉडर्न और लॉजिकल सोच वाला युवा वर्ग इसका सपोर्ट कर रहा है।
किसी रिश्ते में कैरेक्टर का क्राइटेरिया क्या हो सकता है?
आज भी कई मामलों में देखा जाता है कि पुरुष अपना लाइफ पार्टनर चुनते समय वर्जिनिटी को कैरेक्टर का सबसे बड़ा क्राइटेरिया मानते हैं। प्रियंका चोपड़ा ने इसी सोच पर सवाल उठाया है।
उनकी बातों का मतलब यह है कि जो चीज़ सिर्फ़ फ़िज़िकल है और एक रात में खत्म हो जाती है, उसे हम ज़िंदगी भर के रिश्ते का आधार क्यों मानें? लाइफ़ पार्टनर चुनते समय इंसान की पर्सनैलिटी, उसके विचार, उसका मेंटल बैलेंस, आपसी प्यार, सम्मान और समझ ज़्यादा ज़रूरी होते हैं।
समाज के लिए चर्चा का विषय
- दोहरे मापदंडों पर हमला: समाज में हमेशा महिलाओं की पवित्रता या कैरेक्टर पर सवाल उठाए जाते हैं। प्रियंका का यह बयान समाज की सोच के दोहरे मापदंडों पर उंगली उठाता है।
- लाइफ़ पार्टनर के तौर पर कम्पैटिबिलिटी ज़रूरी: शादी सिर्फ़ एक रात या फ़िज़िकल रिश्ते तक सीमित नहीं है। यह पूरी ज़िंदगी का साथ है। अगर विचार, मूल्य और सम्मान मेल नहीं खाते, तो सिर्फ़ ‘वर्जिनिटी’ के आधार पर शादी खुशहाल नहीं हो सकती।
- मैच्योर रिश्तों की मांग: प्रियंका ने इशारा किया है कि युवाओं को फ़िज़िकल मामलों से ऊपर उठकर मेंटल और इमोशनल कनेक्शन को अहमियत देनी चाहिए। प्रियंका चोपड़ा की यह बात कुछ लोगों को कठोर या विवादित लग सकती है, लेकिन यह एक सच्चाई है कि आज के मॉडर्न ज़माने में रिश्तों की परिभाषा बदल रही है। किसी के अतीत या शारीरिक मामलों के आधार पर उसके चरित्र को आंकने के बजाय, एक-दूसरे के लिए प्यार, वफ़ादारी और सम्मान ही शादी की असली नींव है।

