गरबा पार्टनर के लिए ₹1000 से ₹2000 के पैकेज घोषित होने से जागरूक समाज में भारी रोष: सेल्फी और Instagram स्टोरी भी पैकेज का हिस्सा! बेटियों की सुरक्षा के सामने उठी बड़ी चुनौती!
अहमदाबाद/गुजरात
मां शक्ति की आराधना, गरबा और संस्कृति के सबसे पवित्र त्योहार नवरात्रि को अब कुछ विकृत तत्वों ने व्यापार का जरिया बना दिया हो, ऐसा चौकाने वाला मामला सामने आया है! सोशल मीडिया के दौर में लाइक्स और व्यूज की होड़ में नवरात्रि जैसे पवित्र पर्व पर ‘गरबा पार्टनर पैकेज’ का नया और अत्यंत चिंताजनक चलन वायरल हो रहा है। संस्कृति के संरक्षण की जगह अब गरबा खेलने के लिए किराए पर पार्टनर रखने की योजनाएं सामने आने से पूरे राज्य में भारी गुस्सा फैल गया है।
₹1500 से ₹2000 के पैकेज: सोशल मीडिया पर मचा भारी हंगामा
इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ लोगों द्वारा जारी किए गए पैकेजों का ब्योरा सुनकर किसी भी समझदार नागरिक के होश उड़ जाएंगे:
₹1500 का गोल्ड पैकेज: जिसमें चार घंटे तक साथ में गरबा खेलने का दावा किया जाता है।
₹2000 का प्लेटिनम पैकेज: जिसमें गरबा खेलने के साथ सेल्फी लेना, इंस्टाग्राम स्टोरी में टैग करना और सोशल मीडिया पर दिखावा शामिल है!
ऐसे लुभावने और विकृत पैकेज घोषित करके मां की आराधना के उत्सव को मार्केटिंग और व्यापार का साधन बना दिया गया है।
बेटियों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा: असुरक्षित माहौल की बड़ी चुनौती!
गरबा पार्टनर के नाम पर चल रहा यह ‘पैकेज कल्चर’ न केवल संस्कृति का अपमान है, बल्कि हमारी बेटियों की सुरक्षा के लिए भी एक बहुत बड़ा खतरा और चुनौती साबित हो सकता है।
- बिना पहचान का डर: किराए पर पार्टनर बनकर आने वाले व्यक्ति की असली पहचान या अतीत क्या है, इसकी कोई गारंटी नहीं होती।
- अपराध और शोषण की आशंका: ऐसे अनजान लोगों के साथ सोशल मीडिया पर दोस्ती करने या गरबा खेलने जाने से हनीट्रैप, वीडियो वायरल करने या ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर अपराधों का शिकार होने का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
- असामाजिक तत्वों को खुला मैदान: त्योहार के नाम पर बेटियों से छेड़छाड़ और असुरक्षित माहौल पैदा करने का खुला रास्ता बन रहा है।
क्या ऐसे तत्वों के खिलाफ प्रशासन कड़ा रुख अपनाएगा?
पाटीदार और पूरे जागरूक समाज के लोग अब एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि हिंदू संस्कृति और पवित्र त्योहार की गरिमा को तार-तार करने वाले ऐसे मानसिक रूप से विकृत लोगों के खिलाफ पुलिस और गृह विभाग सख्त कार्रवाई करेगा या नहीं?
पुलिस के साइबर क्राइम विभाग को ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स पर तुरंत कार्रवाई करके इस प्रकार के पैकेज चलाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजना चाहिए, ताकि हमारी बेटियां सुरक्षित रह सकें और गरबा की पवित्रता बनी रहे।
महानगर मेट्रो जागरूकता संदेश: माता-पिता को भी अपनी बेटियों पर पूरी नजर रखनी चाहिए और सोशल मीडिया के ऐसे फर्जी तथा खतरनाक ट्रेंड्स से दूर रहने की सख्त हिदायत देना बेहद जरूरी है।

