Homeभारतगुजरातक्या गुजरात कीचड़ और कीचड़ में पढ़ाई करेगा?? 30 साल से 'डेवलपमेंट'...

क्या गुजरात कीचड़ और कीचड़ में पढ़ाई करेगा?? 30 साल से ‘डेवलपमेंट’ से दूर गिर गढडा के फरेदा गांव के लोग गुस्से में हैं, तंग आकर एडमिनिस्ट्रेशन को पिटीशन भेजी है। लोकल लोगों का सरपंच पर तीखा आरोप कि उन्होंने गांव का नहीं बल्कि ‘अपना’ डेवलपमेंट किया!

सरकारी कागजों और बड़े-बड़े एडवर्टाइजमेंट में भले ही “गुजरात पढ़ेगा, गुजरात आगे बढ़ेगा” जैसे लुभावने और लुभावने नारे चमकते हों, लेकिन गिर सोमनाथ जिले के गिर गढडा तालुका का फरेदा गांव आज कड़वी सच्चाई का सामना कर रहा है। पिछले 30 सालों से डेवलपमेंट से दूर फरेदा गांव के गांववालों के सब्र का घड़ा आखिरकार फूट ही गया। टूटी-फूटी सड़कों, कीचड़ और कीचड़ के राज और सुविधाओं की कमी से तंग आकर गांववालों ने एक साथ आकर एडमिनिस्ट्रेशन को जगाने के लिए एक मजबूत पिटीशन भेजी है और एडमिनिस्ट्रेशन के कान खोलने की कोशिश की है।

देश का भविष्य कीचड़ और कीचड़ से होकर स्कूल जाने को मजबूर!

फेरेडन गांव की हालत ऐसी हो गई है कि मानसून आते ही सड़कें कीचड़ और कीचड़ में बदल जाती हैं। सबसे दर्दनाक नज़ारा तब सामने आता है जब छोटे-छोटे बच्चों को अपना भविष्य बनाने के लिए इसी गंदगी, कीचड़ और गड्ढों से होकर स्कूल जाना पड़ता है।

गांव की सड़कों पर गाड़ी तो दूर, पैर रखना भी मुश्किल है, पैदल चलने वालों के लिए तो चलना भी मौत के मुंह में जाने जैसा है। क्या यही सरकार का ‘डिजिटल’ या ‘डेवलप्ड’ गुजरात का दावा है? क्या देश का भविष्य माने जाने वाले ये मासूम बच्चे कीचड़ और कीचड़ में पढ़ेंगे?

सरपंच पर गांव के विकास के साथ-साथ ‘अपने’ विकास के भी गंभीर आरोप!

स्थानीय लोगों का गुस्सा सिर्फ सरकारी सिस्टम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गांववालों ने गांव के स्थानीय सरपंच पर भी तीखे हमले किए हैं। फेरेडन गांव के लोगों ने खुलेआम आरोप लगाए हैं कि सरपंच ने पद संभालने के बाद ‘गांव का विकास’ करने के बजाय सिर्फ ‘अपना निजी विकास’ किया है! गांव में आने वाली सरकारी ग्रांट और विकास के कामों का पैसा कहां इस्तेमाल हुआ, यह एक बड़ा सवाल है। 30 साल से सड़क, सीवर और बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे इस गांव के लोगों का आरोप है कि सरपंच और स्थानीय लोगों ने कागजों पर काम दिखाकर ग्रांट को बार-बार बर्बाद किया है, जबकि लोग आज भी कीचड़ में रहने को मजबूर हैं।

गांधीनगर में अधिकारियों से आवाज उठाने की धमकी

तंग आए गांववालों ने अर्जी देकर प्रशासन को आखिरी अल्टीमेटम दिया है। अगर फरेदान गांव में सड़कों का काम जल्द से जल्द शुरू नहीं किया गया, स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए आसान रास्ता नहीं बनाया गया और सरपंच और जिम्मेदार अधिकारियों के काम की ठीक से जांच नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में गांववाले गांधीचिंध्या मार्ग पर कलेक्टर ऑफिस तक विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस रिपोर्ट के ज़रिए “पाको गुजरात न्यूज़” गांधीनगर की गद्दी पर बैठे मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री और ज़िला कलेक्टर का ध्यान खींचता है कि वे कागज़ पर बनी योजनाओं से बाहर निकलकर गिर गढड़ा के इस छोर पर बसे फरेदान गांव का दौरा करें, ताकि उन्हें पता चले कि 30 साल से भटक रहे लोग किस हालत में अपने दिन काट रहे हैं। अब बातें नहीं, बल्कि फरेदान गांव के लोग ज़मीन पर काम और पक्का हल चाहते हैं!

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments