बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष का मोबाइल फोन हैक कर साइबर फ्रॉड ने गृहमंत्री, पीएमओ, हरियाणा के मुख्यमंत्री समेत 6000 लोगों को संदेश भेजकर रुपये मांगे। गृह मंत्रालय ने डीजीपी राजीव कृष्ण को अवगत कराया था।
आगरा: साइबर अपराधियों की शातिराना हरकत बेखौफ हैं। ये किसी भी स्तर की शख्सियत को ठगने से नहीं चूकते। ताजा मामला बीजेपी शीर्ष नेताओं से जुड़ा है। बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष का मोबाइल फोन हैक करके अपराधियों ने गृहमंत्री, पीएमओ, हरियाणा के मुख्यमंत्री समेत 6000 लोगों को रुपये मांगने की संदेश भेजे। जिनमें से कुछ लोगों ने रुपये भी भेज दिए। पता चलने पर गृह मंत्रालय से आगरा के थाना न्यू आगरा में केस दर्ज हुआ है। पुलिस की साइबर टीम अपराधियों का पता लगाने में जुटी है।
मामला एक जून का है। हाथरस के रहने वाले बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा एक जून को आगरा में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने आए थे। तभी उनके मोबाइल फोन पर एक अनजान कॉल आई। कॉलर से उन्हें बताया कि वह प्रदेश अध्यक्ष को गिफ्ट पार्सल भेजना चाहता है। डिलीवरी मैन को लोकेशन देनी है। इसके लिए कॉलर ने उनसे स्टार और हैश लगाकर एक नंबर डायल करने के लिए कहा। कॉलर की बातों में आकर उन्होंने नंबर डायल कर दिया था।
हैक कर लिया वॉट्सऐप और फेसबुक
दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि उन्हें एक मीटिंग में भाग लेना था। इसलिए जल्दबाजी में उन्होंने कॉलर के कहे अनुसार नंबर डायल कर दिया। इसके बाद उनका व्हाट्सएप और फेसबुक हैक हो गया। साइबर अपराधियों ने गृहमंत्री, पीएमओ, हरियाणा के मुख्यमंत्री समेत 6000 लोगों को पैसे मांगने के लिए संदेश भेज दिए। कॉलर ने उनकी ओर से जरुरत पड़ने पर पैसे की डिमांड की थी। गुजरात के एक व्यक्ति ने उन्हें फोन करके इसकी जानकारी दी तब उन्हें पता चला कि कोई उनके नंबर से रुपये मांग रहा है।
बिहार से आया था कॉल
पुलिस की जांच में कॉलर की लोकेशन बिहार के मैसी इलाके की मिली है। जिस नंबर से कॉल किया गया था, वह जयपुर का निकला है। डीसीपी सिटी अली अब्बास का कहना है कि मोबाइल हैक कर रुपये मांगे गए थे। जिन नंबर से कॉल किया गया था उनकी जानकारी ली जा रही है। साइबर थाना सेल को लगाया गया है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
दो लाख से अधिक भेज दिए रुपये
पुलिस जानकारी में पता चला है कि साइबर फ्रॉड ने लगातार लोगों को कॉल करके रुपये मांगे थे। लोगों के मोबाइल फोन पर क्यूआर कोड भेजे गए थे। कई लोगों ने दिए गए क्यूआर कोड पर रुपये भेज दिए थे। जिसके स्क्रीनशॉट उन्होंने दिनेश चंद्र शर्मा को भेजे हैं। करीब दो लाख रुपये से ज्यादा का ट्रांजेक्शन किया जा चुका है। सबसे चिंता वाली बात यह है कि साइबर अपराधियों पर जो वीआईपी नंबर चले गए हैं। कहीं उनका दुरुपयोग नहीं किया जाए।

