फ़िरोज़ाबाद : संजना अपने पति कन्हैया के साथ मेला देखकर रात 12 बजे लौटी। बेड पर उसका बेटा तनवीर रो रहा था। इस पर वह बहन वंदना को डांटने लगी।
उत्तरप्रदेश के फिरोजाबाद में एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है जिसे जानकर आपका मन पसीज जाएगा। बच्चे को दूध नहीं पिलाने के मुद्दे पर मां और मौसी के बीच झगड़ा हो गया। बात इतनी बढ़ी कि मां ने मौसी को थप्पड़ मार दिया। इस पर मौसी आगबबूला हो गई और दोनों बहनें एक दूसरे का बाल पकड़कर गुत्थमगुत्थी हो गईं। लड़ते-लड़ते दोनों बेड पर जा गिरीं। नीचे मासूम बच्चा मां और मौसी के बीच दब गया और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद आधी रात घर में चीत्कार मच गया।
घरवाले बच्चे को जिला अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत लाया घोषित कर दिया। ये पूरा मामला कृष्णा नगर में बजरंग चौराहे के पास स्थित एक मकान का है। मूलरूप से कासगंज के रहने वाले कन्हैया ने तीन साल पहले संजना से कोर्ट मैरिज की थी। संजना की बहन वंदना भी उसके साथ रहती थी। बीते बुधवार को संजना और कन्हैया मेला देखने गए थे। रात 12 बजे वे लोग मेला देखकर लौटे तो उनका बच्चा तनवीर बेड पर पड़ा रो रहा था। यह देखकर मां संजना ने बहन वंदना को डांटा कि उसने उसे दूध क्यों नहीं पिलाया। इस पर दोनों बहनों में बहस शुरू हो गई।
संजना ने वंदना को मारा तमाचा
गुस्से में आकर संजना ने वंदना को तमाचा मार दिया। इस पर वंदना संजना से भिड़ गई। लड़ते लड़ते दोनों तनवीर के ऊपर बेड पर जा गिरीं। आधी रात को चीख पुकार सुनकर घर के अन्य सदस्य आए और बीच-बचाव कर शांत कराया।
पहले संजना ने कहा- वंदना ने तनवीर को जमीन पर पटका
इस बीच, संजना ने देखा कि बेड पर रो रहे तनवीर के शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही है। उसने उसे हिलाया-डुलाया और फिर चिल्लाने लगी। बच्चे को तत्काल घर वाले अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। बच्चे की मौत के बाद पूरे परिवार में मातम फैल गया है। पुलिस के सामने पहले संजना ने बहन वंदना पर बेटे तनवीर को जमीन पर पटकने का आरोप लगाया था। बाद में उसने तहरीर में बताया कि झगड़े के दौरान दोनों बहनें बेटे के ऊपर गिर पड़ी थीं, इसलिए उसकी जान चली गई।
बच्चे के सिर की हड्डी टूटी
गुरुवार को बच्चे का पोस्टमॉर्टम हुआ। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे के सिर के पीछे की हड्डी टूटी पाई गई है। इसके साथ ही अंदरूनी अंगों की स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए डॉक्टरों ने बच्चे का विसरा सुरक्षित रख लिया है। इसे फोरेंसिंक जांच के लिए भेजा जाएगा। इस बीच, पुलिस मौसी वंदना को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वंदना लगातार अपने बयान बदल रही है। पहले वह इसे एक हादसा बता रही थी कि बच्चा धोखे से हाथ से छूट गया।
बच्चे को सीने से चिपकाकर घूमता रहा कन्हैया
पोस्टमॉर्टम हाउस के सामने मौजूद कन्हैया ने बताया कि वह मेले से लौटने के बाद थक-हारकर छत पर चला गया था। कुछ देर बाद अचानक नीचे कमरे से संजना की चीख पुकार की आवाज आई तो वह भागा। वह नीचे पहुंचा तो तनवीर बेजान पड़ा था। उसने तुरंत अस्पताल की तरफ दौड़ लगाई। डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कन्हैया बच्चे को सीने से चिपकाकर काफी देर तक अस्पताल के कॉरीडोर में घूमता रहा।
संजना को वंदना पर लंबे समय से था शक!
अब पुलिस के सामने इस केस को कोर्ट में साबित करना किसी चुनौती से कम नहीं है। इस घटना में पुलिस के पास ना तो कोई सीसीटीवी फुटेज है और न ही कोई स्वतंत्र गवाह है। यह पूरी घटना आधी रात को एक कमरे के भीतर हुई जहां सिर्फ दोनों बहनें और मासूम तनवीर मौजूद थे। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, इस संघर्ष की नींव मामूल दूध पिलाने का विवाद नहीं, बल्कि लंबे समय से सुलग रही नफरत की आग थी। संजना को अपनी सगी बहन वंदना पर शक था कि वह उसका परिवार बर्बाद करना चाहती है। संजना को शक था कि वंदना का संबंध किसी शख्स है। इसी शक के चलते मामला उग्र हो गया और एक मासूम बच्चे को जान गंवानी पड़ी।

