मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने पंचायत सचिव को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। 15 दिनों के भीतर लोकायुक्त टीम की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई भी है।
हाइलाइट्स
इंदौर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई
पंचायत सचिव को रिश्वत लेते पकड़ा
25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों अरेस्ट किया
प्रॉपर्टी टैक्स कम करवाने के लिए मांगी थी रिश्वत
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने एक बार फिर बड़ी और निर्णायक सर्जिकल स्ट्राइक की है। एक पखवाड़े के भीतर रिश्वत खोरी पर यह लोकायुक्त टीम का दूसरा बड़ा प्रहार है। शुक्रवार को इंदौर लोकायुक्त की विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर नाहल्दा ग्राम पंचायत के सचिव कृष्ण देव पटेल को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों दबोच लिया।
आरोपी सचिव ने एक निजी स्कूल का बकाया प्रॉपर्टी टैक्स कम करने के एवज में 50 हजार रुपए की अवैध मांग की थी, जिसकी पहली किश्त लेते ही वह कानून के शिकंजे में आ गया।
डर दिखाकर मांगी थी 50 हजार की घूस
मामले का खुलासा तब हुआ जब नाहल्दा निवासी लक्ष्मण सिंह चौहान ने लोकायुक्त की शरण ली। चौहान क्षेत्र में संचालित एक निजी स्कूल के संस्थापक हैं, जिसकी देखरेख और प्रबंधन उनके पुत्र द्वारा किया जाता है। पंचायत सचिव कृष्ण देव पटेल ने स्कूल प्रबंधन पर दबाव बनाते हुए पिछले दो वर्षों का बकाया प्रॉपर्टी टैक्स करीब 2 लाख 20 हजार रुपए आंका था।
इतनी भारी-भरकम राशि का नोटिस थमाने के बाद सचिव ने सौदेबाजी शुरू की। उसने टैक्स की देय राशि को कागजों में कम करने के बदले सीधे 50 हजार रुपए की रिश्वत की मांग रख दी। अनुचित दबाव और लगातार तकादे से परेशान होकर स्कूल संस्थापक ने भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय कानूनी सबक सिखाने का फैसला किया।
मेडिकल चौराहे पर बिछाया गया जाल
लक्ष्मण सिंह चौहान ने 5 अक्टूबर को इंदौर स्थित लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सचिव के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त अधिकारियों ने गोपनीयता बरतते हुए प्राथमिक स्तर पर रिश्वत की मांग की पुष्टि कराई। आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप दल का गठन किया गया और शुक्रवार, 9 अक्टूबर को कार्रवाई का दिन तय हुआ। योजना के तहत शिकायतकर्ता शेष राशि की पहली किश्त 25 हजार रुपए देने के लिए सचिव द्वारा बताए गए ठिकाने पर पहुंचे। शहर के व्यस्त मेडिकल चौराहे के समीप स्थित एक चाय की दुकान के सामने जैसे ही कृष्ण देव पटेल ने कैमिकल युक्त नोटों की गड्डी हाथ में थामी, पहले से सादे कपड़ों में मुस्तैद लोकायुक्त की टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। नोटों से सने हाथों का मिलान होते ही मौके पर मौजूद सचिव के होश उड़ गए।
प्रकरण दर्ज, जांच जारी
इस सफल कार्रवाई का नेतृत्व इंदौर लोकायुक्त की निरीक्षक प्रतिभा तोमर एवं उनकी विशेष टीम द्वारा किया गया। ट्रैप की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पंचायत सचिव कृष्ण देव पटेल के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।
दूसरी बड़ी कार्रवाई
पखवाड़े भर के भीतर खंडवा में लोकायुक्त की दूसरी बड़ी कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक और पंचायती अमले में हड़कंप मच गया है। लोकायुक्त निरिक्षण प्रतिभा तोमर ने बताया की मामले में दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आगे की कारवाई की जा रही है।

