रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके बच्चे की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रशासन द्वारा आंदोलन समाप्त कराए जाने के बाद आज समर्थन में पहुंचे सेमरिया के कांग्रेस विधायक और उनके समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत का मामला अब बेहद गंभीर राजनीतिक मोड़ ले चुका है। बीते दिनों इस घटना को लेकर मृतका के पिता द्वारा सिरमौर चौराहे पर लगातार धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था। हालांकि, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और यातायात का हवाला देते हुए इस आंदोलन को जबरन समाप्त करवा दिया था। इसी कड़ी में आज जब सेमरिया से कांग्रेस विधायक इस आंदोलन को आगे बढ़ाने और आगे की रणनीति तय करने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें और उनके समर्थकों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
विधायक का तीखा विरोध
प्रशासन का तर्क था कि बिना अनुमति के मुख्य मार्ग पर यह आंदोलन चलाया जा रहा था, जिससे आम जनता और यातायात को भारी असुविधा हो रही थी।
इसके चलते पुलिस ने न सिर्फ धरना स्थल को खाली कराया, बल्कि प्रदर्शन कर रहे कल्पना मिश्रा के पिता को भी एंबुलेंस के जरिए जबरन अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां उनका इलाज जारी है।
रणनीति बनाने पहुंचे थे विधायक, पहले से मुस्तैद थी पुलिस
प्रशासन द्वारा आंदोलन खत्म किए जाने और पिता को अस्पताल भेजने के बाद, सेमरिया के कांग्रेस विधायक ने समर्थकों और स्थानीय लोगों को आज धरना स्थल पर जुटने का आह्वान किया था। जैसे ही विधायक और उनके समर्थक निर्धारित स्थल पर पहुंचे, वहां पहले से ही भारी संख्या में तैनात पुलिस बल ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता और बच्चे की मौत।
पुलिस ने जबरन धरना खत्म कराकर मृतका के पिता को अस्पताल भेजा।
आज समर्थन और रणनीति बनाने पहुंचे सेमरिया विधायक गिरफ्तार।
बिना अनुमति के मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन करने से यातायात बाधित हो रहा था।
विधायक का बयान: ‘हम शुरू से इस लड़ाई में शामिल हैं’
गिरफ्तारी से पहले विधायक ने स्पष्ट किया कि वे इस न्याय की लड़ाई में शुरुआत से ही पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। उनका उद्देश्य केवल यह चर्चा करना था कि इस आंदोलन को आगे किस दिशा में ले जाना है या अब तक प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से परिवार कितना संतुष्ट है। लेकिन पुलिस ने चर्चा शुरू होने से पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया, जिससे इलाके में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है।

