खरगोन के झिरन्या क्षेत्र के कई गांवों में दहशत है। गांवों से गुजरने वाली सड़क पर हल्दी, चूने और सिंदूर से मौत लिखी थी। ऐसे में ग्रामीण भयभीत हैं। पुलिस का कहना है कि हमें ऐसी कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
हाइलाइट्स
खरगोन के झिरन्या थाना क्षेत्र में काला जादू का शक
बीच सड़क पर हल्दी और सिंदूर लिखी थी मौत
सुबह में ग्रामीणों की पड़ी नजर तो तुरंत बदला रास्ता
आसपास के कई गांवों में इसे लेकर दहशत का माहौल
मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के झिरन्या क्षेत्र के अर्दला ग्राम पंचायत के पुनर्वास केंद्र पालधा में मंगलवार रात मुख्य मार्ग पर हल्दी, चूने और सिंदूर से कथित रूप से चौकड़ी बनाकर बीच में ‘मौत’ लिखी थी। साथ ही पास में चूड़ियां और कागज रखी थीं। यह देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
जादू-टोना से जोड़कर देख रहे हैं इसे
घटना को लेकर गांव और आसपास के इलाकों में तरह-तरह की अफवाहें फैल रही हैं। ग्रामीण इसे काला जादू या टोना-टोटका से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि पुलिस ने ऐसी किसी आशंका की पुष्टि नहीं की है।
सुबह में लोगों ने देखा तो शुरू हो गई चर्चा
ग्रामीणों चंदन जाधव, नवलसिंह राठौड़, लखन राठौड़, दयालसिंह राठौड़ और भागीरथ जाधव ने बताया कि बुधवार सुबह जब लोगों ने मुख्य मार्ग पर यह सामग्री देखी तो गांव में चर्चा शुरू हो गई। यह मार्ग पालधा को आसपास के गांवों से जोड़ता है और ग्रामीणों की नियमित आवाजाही इसी रास्ते से होती है।
बीच में लिखी थी मौत
वहीं, ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर हल्दी और चूने से चौकड़ी बनाए जाने के साथ बीच में ‘मौत’शब्द लिखा गया था। इसके आसपास चूड़ियां और कागज जैसी वस्तुएं भी रखी मिलीं। इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने एक-दूसरे को रात में अकेले घर से बाहर नहीं निकलने और जरूरी होने पर किसी को साथ लेकर जाने की सलाह दी।
टोने-टोटके की आशंका
घटना को लेकर ग्रामीणों में यह चर्चा भी है कि श्राद्ध पक्ष औरनवरात्रि से पहले कथित तौर पर इस तरह के टोने-टोटके किए जा रहे हैं। हालांकि, इन चर्चाओं की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत भी हो सकती है। या फिर अंधविश्वास फैलाने का प्रयास हो सकता है।
गांवों में फैलने लगीं अफवाहें
घटना के बाद आसपास के गांवों में भी तरह-तरह की अफवाहें फैलने की बात सामने आई है। झिरन्या थाना प्रभारी गणपत कनेल ने बताया कि थाने में इस प्रकार की घटना को लेकर फिलहाल कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।

