सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों और प्रदेश में कुपोषण से बच्चों की जान जाने के मामले को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इसी के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने नीमच में उग्र प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने भारत माता चौराहे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दस सिर वाला पुतला जलाकर सरकार से इस्तीफे की मांग की है।
सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों और राज्य के विभिन्न हिस्सों से सामने आ रहे कुपोषण के मामलों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी कड़ी में अब नीमच जिले में कांग्रेस आक्रामक मूड में नजर आई है। जिला कांग्रेस कमेटी ने इन दोनों संवेदनशील मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरकर जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
जिला कार्यालय से भारत माता चौराहे तक पैदल मार्च
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत जिला कांग्रेस कार्यालय से हुई। यहां बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता, युवा कांग्रेस और महिला मोर्चा के कार्यकर्ता इकट्ठा हुए। इसके बाद कार्यकर्ता हाथों में सरकार विरोधी नारे लिखी तख्तियां और बैनर लेकर पैदल जुलूस के रूप में शहर के मुख्य मार्गों से गुजरे। पूरे रास्तेभर कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार की नीतियों, बिगड़ी कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पूरे शहर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई और लोगों की निगाहें इस उग्र प्रदर्शन पर टिकी रहीं।
चौराहे पर पुतला दहन और पुलिस से झड़प
जुलूस जब शहर के प्रमुख भारत माता चौराहे पर पहुंचा, तो वहां पहले से तैनात पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की और झूमाझटकी की स्थिति भी बनी, लेकिन कार्यकर्ताओं का जोश कम नहीं हुआ। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कांग्रेसियों ने रावण के दस सिर के प्रतीकात्मक रूप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सरकार का पुतला फूंक दिया। इस हंगामे और प्रदर्शन के कारण चौराहे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ, जिसे बाद में पुलिस ने सुचारू कराया।
इस्तीफे की मांग पर अड़े कांग्रेसी नेता
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। सागर जिले में खुलेआम बिक रही अवैध और जहरीली शराब मासूमों की जिंदगी निगल रही है, जिसे रोकने में आबकारी विभाग और प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। इसके साथ ही, कई जिलों से कुपोषण के कारण बच्चों की मौत की दर्दनाक तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही को उजागर करती हैं।
कांग्रेस ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक सरकार इन मामलों में पूरी तरह जवाबदेह नहीं बनती और जिम्मेदार मंत्रियों व अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। अंत में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से इन विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से तुरंत इस्तीफा देने की मांग दोहराई।

