सीहोर जिले के इछावर तहसील में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा और कलेक्टर बालागुरु के बीच की बातचीत चर्चा का विषय बन गई है। मंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आज आप कलेक्टर हैं और कल नहीं रहेंगे, इसलिए जनता के हित में बिना हिचकिचाहट के खुलकर काम करें।
सीहोर: प्रशासनिक अमले में अफसरों की सख्ती और नेताओं के दबदबे की कहानियां तो आपने अक्सर सुनी होंगी, लेकिन जरा सोचिए तब क्या हो जब एक मंच पर मंत्री जी खुद कलेक्टर साहब को यह याद दिला दें कि ‘आज आप कलेक्टर हैं, कल नहीं’? मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से एक ऐसा ही दिलचस्प और अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मंच से राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा और कलेक्टर बालागुरु के बीच ऐसा संवाद हुआ, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। मंत्री के बेबाक अंदाज और इस मजेदार बातचीत के चर्चे अब हर तरफ हो रहे हैं।
मंच पर क्या थी पूरी घटना?
घटना सीहोर जिले की इछावर तहसील के बालोड़िया गांव की है। गुरुवार को यहां एक सरकारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें प्रदेश के राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा और सीहोर कलेक्टर बालागुरु मुख्य रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान मंच पर जब बातचीत का दौर शुरू हुआ, तो मंत्री करणसिंह वर्मा ने मजाक में कहा कि बंदूक का लाइसेंस चाहिए था साहब। इस पर कलेक्टर ने उनसे मना कर दिया। इसके बाद मंत्री ने अपने ही अंदाज में प्रशासनिक सेवा और जीवन का बड़ा फलसफा सबके सामने रख दिया। उन्होंने न सिर्फ अधिकारियों को जनता के प्रति जवाबदेह रहने की नसीहत दी, बल्कि इसे बेहद हल्के-फुल्के और मजाकिया अंदाज में पेश किया।
माइक अपने हाथ में लेते हुए मंत्री करणसिंह वर्मा ने कलेक्टर की तरफ देखकर जो कहा, उसने महफिल लूट ली। मंत्री ने कहा, ‘अरे यार न मेरी कोई गारंटी है, न आपकी गारंटी है।’ उन्होंने आगे अपनी बात समझाते हुए कहा कि आज आप कलेक्टर हैं, कल इस पद पर नहीं रहेंगे और आज मैं मंत्री हूं, कल नहीं रहूंगा। मंत्री ने जोर देकर कहा कि पद और जीवन दोनों ही अस्थायी चीजें हैं, इसलिए जब तक इस कुर्सी पर जिम्मेदारी मिली है, जनता के हित में पूरी ईमानदारी और खुशी-खुशी काम करना चाहिए। मंत्री की इस दो टूक और बेबाक बात पर मंच पर बैठे अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और वहां मौजूद ग्रामीणों ने खूब ठहाके लगाए।
यह कार्यक्रम सीहोर जिले की इछावर तहसील के बालोड़िया गांव में आयोजित था।
मंच पर थे प्रदेश के राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा और सीहोर कलेक्टर बालागुरु
मंत्री ने मंच से कहा कि पद की कोई गारंटी नहीं है, आज कलेक्टर हैं तो कल नहीं।
मंत् करणसिंह वर्मा ने मुस्कुराते हुए कहा कि कलेक्टर साहब अब यहां की स्थानीय भाषा काफी सीख गए हैं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता के काम बिना किसी परेशानी और हिचकिचाहट के तुरंत पूरे किए जाने चाहिए।
कलेक्टर की स्थानीय भाषा पर ली चुटकी
इस गंभीर और मजेदार बातचीत के बीच राजस्व मंत्री ने कलेक्टर की स्थानीय भाषा शैली पर भी प्यार भरी चुटकी ली। मंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि कलेक्टर साहब जब यहां आए थे, तब वे यहां की स्थानीय भाषा से ज्यादा वाकिफ नहीं थे, लेकिन अब वे काफी हद तक भाषा सीख चुके हैं और काम भी बहुत बढ़िया तरीके से कर रहे हैं। मंत्री के इस कमेंट पर कलेक्टर बालागुरु भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए और ठहाका लगाकर उनका साथ दिया।
जनता के कामों में न हो कोई हीला-हवाली
भले ही यह पूरा वाकया हंसी-मजाक में हुआ हो, लेकिन इसके पीछे मंत्री करणसिंह वर्मा ने अधिकारियों को एक बेहद सख्त और स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अमले को जनता के हित से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की हिचकिचाहट नहीं रखनी चाहिए। आम जनता का कोई भी काम बिना किसी बेवजह की परेशानी के तुरंत पूरा किया जाना चाहिए, यही एक अच्छे लोक सेवक की असली पहचान है।

