DUSU चुनावों के दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी के जॉइंट डीन एके सिंह और अदिति महाविद्यालय की प्रिंसिपल नीलम राठी पर सोशल मीडिया के जरिए ABVP का समर्थन करने के आरोप लगे हैं
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय में DUSU चुनाव का ऐलान हो चुका है। छात्र संघ चुनाव लड़ रही एबीवीपी, एनएसयूआई, AISA और ASAP ने अपने पैनल की घोषणाएं भी कर दी हैं। मैदान में उतरे सभी प्रत्याशी अलग अलग तरीकों से छात्रों को साधने में लगे हैं। इस बीच DU के एक वरिष्ठ अधिकारी और अदिति महाविद्यालय की प्रिंसिपल पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े छात्र संगठन ABVP का प्रचार करने के आरोप लगे हैं।
क्या था पूरा मामला
DU के जॉइंट डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर ए.के. सिंह की ABVP पैनल के साथ तस्वीर एक फोटो पोस्ट की थी। लेकिन विवाद बढ़ने के बाद ए.के. सिंह ने अपनी फेसबुक पोस्ट डिलीट करते हुए सफाई दी कि उन्होंने यह फोटो चुनावी ड्यूटी के दौरान ली थी।
अदिति महाविद्यालय की प्रिंसिपल पर भी लगे आरोप
उन्होंने बताया कि नामांकन वापसी के दिन उन्होंने ABVP और NSUI दोनों के पैनल की फोटो खींचने का प्रयास किया था, लेकिन NSUI उम्मीदवारों के तय न हो पाने के कारण देरी हुई। पक्षपात के आरोपों से बचने के लिए उन्होंने पोस्ट हटा दी थी। वहीं, अदिति महाविद्यालय की प्रिंसिपल नीलम राठी ने कहा कि ABVP को वोट देने की अपील वाली स्टोरी “गलती से” शेयर हो गई थी, जिसे तुरंत हटा लिया गया।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने किया स्पष्ट
दूसरी ओर, मुख्य चुनाव अधिकारी राज किशोर शर्मा ने स्पष्ट किया कि ए.के. सिंह चुनाव कार्यालय का हिस्सा नहीं हैं और यदि उन्होंने कुछ पोस्ट किया है तो वह उनकी व्यक्तिगत हैसियत से है। इस मामले में उन्हें कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। RSS से जुड़े नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (NDTF) के सदस्य सुनील शर्मा ने भी ए.के. सिंह का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने केवल चुनावी जानकारी साझा की थी, किसी पक्ष में वोट की अपील नहीं की थी।
NSUI ने जताई नाराजगी
कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन NSUI और शिक्षक संगठन INTEC ने इस घटना पर कड़ा ऐतराज जताया है। NSUI के मीडिया कोऑर्डिनेटर रवि हनुमान पांडे ने आरोप लगाया कि इस हरकत से निष्पक्ष चुनाव की पवित्रता भंग हुई है। उन्होंने मांग की है कि चुनावों में पक्षपात का संदेह पैदा करने वाले अधिकारियों को उनके पद से तुरंत हटाया और बर्खास्त किया जाए।

