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‘जामिया में इलेक्शन की मांग पर अड़े छात्र, प्रशासन ने बनाई 5 सदस्यीय कमेटी

जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने स्टूडेंट यूनियन का संविधान तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है, जिसे 20 दिसंबर तक ड्राफ्ट देना होगा। चुनाव की तारीखों का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग पर भूख हड़ताल कर रहे छात्रों ने फैसला खारिज कर आंदोलन जारी रखने की बात कही है। प्रशासन 12 से 21 अक्टूबर तक की अनुशासनात्मक कार्रवाइयों की समीक्षा भी करेगा।

नई दिल्ली: जामिया मिलिया इस्लामिया में स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन बहाल करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्टूडेंट यूनियन का संविधान तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी को 20 दिसंबर तक संविधान का ड्राफ्ट तैयार करना होगा। हालांकि, भूख हड़ताल कर रहे स्टूडेंट्स प्रतिनिधियों ने प्रशासन के फैसले को खारिज कर दिया है। स्टूडेंट्स का कहना है कि जब तक इलेक्शन का नोटिफिकेशन और तारीखों का शेड्यूल जारी नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।

यूनिवर्सिटी की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह फैसला 21 अक्टूबर को वाइस चांसलर प्रो. मजहर आसिफ की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में लिया गया। कमेटी वर्ष 2006 में स्टूडेंट यूनियन भंग होने के कारणों, जामिया एक्ट 1988 की धारा 23 (जे) और (के), इलेक्शन से जुड़े कोर्ट के आदेशों, लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों और यूनिवर्सिटी के मौजूदा नियमों का अध्ययन करेगी। जामिया में आखिरी बार 2006 में स्टूडेंट यूनियन भंग की गई थी।

कई दौर की बातचीत के बाद भी मिनट्स पर साइन नहीं हुए

यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक, 18 अक्टूबर को बनाई गई सात सदस्यीय हाई लेवल कमेटी ने प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स से बातचीत शुरू की थी। 20 अक्टूबर को सोशल साइंस फैकल्टी के डीन ऑफिस में स्टूडेंट्स प्रतिनिधियों के साथ करीब दो घंटे मीटिंग हुई। उसी शाम डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर ऑफिस में चर्चा के मुद्दों को फाइनल करने के लिए एक और मीटिंग हुई। हालांकि, कई दौर की बातचीत के बावजूद स्टूडेंट्स प्रतिनिधियों ने मीटिंग के मिनट्स पर साइन नहीं किए।

स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन बहाल करने की मांग को लेकर चल रहा है आंदोलन
यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन का संविधान तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है
चुनाव, अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने और अधिकारियों को हटाने की मांग

स्टूडेंट्स का कहना है कि उन्होंने स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन कराने, आंदोलन से जुड़े सभी डिसिप्लिनरी मामलों को वापस लेने और चीफ प्रॉक्टर व सिक्योरिटी एडवाइजर को हटाने की मांग रखी थी। स्टूडेंट्स ने कार्रवाई वापस लेने के बजाय उसकी समीक्षा करने के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं।

12 से 21 अक्टूबर तक की अनुशासनात्मक कार्रवाई की समीक्षा करेगा प्रशासन

प्रशासन ने 12 अक्टूबर से 21 अक्टूबर शाम 5:30 बजे तक प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स के खिलाफ शुरू की गई या की गई सभी डिसिप्लिनरी कार्रवाइयों की समीक्षा करने का फैसला किया है। संबंधित स्टूडेंट्स को अपनी शिकायतों के साथ नोटिफिकेशन जारी करने वाले अधिकारी से संपर्क करने को कहा गया है।

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