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ECI-नेट पोर्टल में बड़ा बदलाव, अब बिना सुनवाई और कागजात के भी नोटिस निपटा सकेंगे ERO

दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान चुनाव आयोग ने ECI-नेट पोर्टल पर नया विकल्प जोड़ा है, जिससे ERO बिना दस्तावेज और बिना सुनवाई के भी संतुष्ट होने पर नोटिस का निपटारा कर सकेंगे।

नई दिल्ली: दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिय रिवीजन (SIR) के दौरान युनाय अधिकारियों के लिए ECI-नेट पोर्टल में नया विकल्प जोड़ा गया है। अब इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) किसी नोटर के खिलाफ जारी नोटिस को बिना डॉक्यूमेंट्स लिए और बिना सुनवाई तय किए भी निपटा सकेंगे। इसके लिए ERO को यह घोषणा करनी होगी कि वह वोटर की एलिजिबिलिटी से संतुष्ट है और जरूरी वेरिफिकेशन पूरा कर लिया गया है।

किन मामलों के निपटारे में मिलेगी मदद

चुनाव अधिकारियों के अनुसार, यह ऑप्सन 30 सितंबर से पहले पोर्टल पर उपलब्ध नहीं था। पहले ऐसे मामलों में ERO को सुनवाई की प्रक्रिया अपनानी पड़ती थी।अधिकारियों का कहना है कि नया विकल्प उन मामलों के निपटान में मदद करेगा, जिनमें वोटर के पास निर्धारित डॉक्यूमेंट्स नहीं है लेकिन वेरिफिकेशन के बाद ERO उसकी एलिजिबिलिटी से संतुष्ट है।

नई दिल्ली के ERO पियूष मोहंती ने बताया कि उनकी विधानसभा में 20 हजार 600 नोटिस जारी हुए थे। इनमें 20 हजार का निपटारा हो चुका है और बाकी 600 नोटिस एक-दो दिन में निपटा दिए जाएंगे। एक अन्य ERO ने कहा कि इस विकल्प की मांग काफी समय से हो रही थी। इसे क्लेम और ऑब्जेक्शन की शुरुआत में ही जोड़ दिया जाता तो निपटान की रफ्तार बढ़ जाती।

BLO को भी अधिकार लेकिन फैसला ERO के हाथ

CEO ऑफिस के एक अधिकारी ने बताया कि ERO क्लेम और ऑब्जेक्शन के निपटारे के लिए आखिरी निर्णयकर्ता होते हैं। BLO को भी पिछले साल की वोटर लिस्ट में नाम जांचकर उसके आधार पर फैसला लेने का अधिकार है लेकिन अंतिम फैसला ERO लेते हैं। पहले डॉक्यूमेंट्स आने के बाद ही निर्णय लिया जा सकता था। इससे धीमी रफ्तार परेशानी चन रही भी। अब ERO उपलब्ध डॉक्यूमेंट्स के आधार पर फैसला ले सकते हैं। अधिकारी के मुताबिक, इससे मामलों को समय पर निपटाने में मदद मिलेगी।

30 नवंबर तक कर सकते हैं क्लेम और ऑब्जेक्शन

ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में करीब 33.1 लाख मामलों में नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से 30 सितंबर तक करीब 3 लाख नोटिस का निपटान हुआ था। कुछ विधानसभाओं में 5 फीसदी मामलो का भी निपटान नहीं हो पाया है। अब क्लेम और ऑब्जेक्शन की तारीख 30 अक्टूबर और निपटान की तारीख 30 नवंबर कर दी गई है।

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