Homeभारतमध्यप्रदेशखरगोन में करंट से दो गायों की मौत पर बवाल: हाईवे पर...

खरगोन में करंट से दो गायों की मौत पर बवाल: हाईवे पर शव रखकर 5 घंटे तक किया चक्काजाम, लाइन अटेंडेंट सस्पेंड

मध्यप्रदेश के खरगोन में बिजली विभाग की लापरवाही के कारण टूटे तारों की चपेट में आने से दो गायों की मौत हो गई। इससे आक्रोशित गौरक्षकों और स्थानीय लोगों ने दोनों गायों के शव चित्तौड़गढ़-भुसावल हाईवे पर रखकर करीब पांच घंटे तक जाम लगा दिया।

खरगोन: जिला मुख्यालय के बिस्टान रोड के जंगल क्षेत्र में टूटे बिजली तारों की चपेट में आने से दो गायों की मौत के बाद शनिवार को गौरक्षक आक्रोशित हो गए। बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने दोनों गायों के शव चित्तौड़गढ़-भुसावल हाईवे पर रखकर करीब पांच घंटे तक जाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते खरगोन जिला मुख्यालय पर हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और सैकड़ों वाहन फंस गए। मामले में बिजली कंपनी ने खरगोन ग्रामीण विद्युत केंद्र में पदस्थ लाइन अटेंडेंट जितेंद्र भालसे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

गौरक्षक दोपहर करीब 12 बजे दोनों गायों के शव लेकर कसावद रोड स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे। यहां अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताने के बाद शव हाईवे पर रख दिए गए। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग पर टूटे तारों को समय रहते ठीक नहीं करने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।

मौके पर पहुंचे बिजली कंपनी के अधीक्षण अभियंता

सूचना मिलने पर बिजली कंपनी के अधीक्षण अभियंता जयपाल ठाकुर मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को लाइन अटेंडेंट जितेंद्र भालसे के निलंबन का आदेश सौंपा और जाम समाप्त करने की अपील की। निलंबन आदेश की प्रति मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन समाप्त किया। शाम करीब 5.30 बजे यातायात बहाल हुआ और करीब 6 बजे तक स्थिति सामान्य हो गई।

गौरक्षक कार्यकर्ता सतीश राठौड़, हरिओम यादव और कमलेश यादव ने बताया कि जिले में तीन महीने के दौरान करंट लगने से यह चौथी गौवंश की मौत है। इससे पहले जून में मांगरुल रोड और 4 अगस्त को मूसेखान रोड पर भी करंट की चपेट में आने से गाय की मौत हो चुकी है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद बिजली लाइनों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।

शुक्रवार रात सूचना के बाद भी नहीं काटी बिजली

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बिस्तान रोड पर बिजली के तार टूटने की जानकारी शुक्रवार रात ही संबंधित अधिकारियों को दे दी गई थी। इसके बावजूद बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई और न ही तारों की मरम्मत कराई गई। उनका कहना था कि समय रहते बिजली बंद कर दी जाती तो दोनों गायों की जान बच सकती थी।

जाम में फंसे किसानों से विवाद

हाईवे जाम के दौरान उपज लेकर जा रहे कुछ किसानों और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी भी हो गई। जाम के कारण वाहन चालकों को परेशानी हुई। स्थिति बिगड़ने से पहले मेंगांव थाना प्रभारी मनशाराम रोमड़े मौके पर पहुंचे और समझाइश देकर विवाद शांत कराया। पुलिस ने यातायात को वैकल्पिक मार्गों से निकालने का प्रयास किया। स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन वे निलंबन आदेश जारी होने के बाद ही पीछे हटे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments