नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की से गैंगरेप के मामले में दिल्ली पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया है। पीड़िता ने पुलिस को दिए गए बयान में घटना के दिन की पूरी आपबीती सुनाई है।
पीड़िता के पुलिस को दिए बयान के अनुसार, आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को रोका और फिर बंदूक व चाकू की नोक पर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
झूले के पास एक बेंच पर बैठी थी पीड़िता
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि घटना के समय पीड़िता अपने दोस्त के साथ पार्क के गेट नंबर 7 से अंदर दाखिल होकर झूलों के पास स्थित एक बेंच पर बैठी थी। तभी करीब 30 से 35 वर्ष की आयु के तीन पुरुष उनके पास पहुंचे और दोस्त को थप्पड़ मारते हुए खुद को पुलिसवाला बताया। आरोपियों ने वहां आने पर पाबंदी की बात कहकर दोनों के मोबाइल फोन छीन लिए और दोस्त को जबरन दूसरी तरफ ले गए।
बंदूक दिखाकर अंधेरे की तरफ ले गए
बयान के अनुसार इसके बाद आरोपियों ने हथियारों के बल पर युवती को डराया-धमकाया। पीड़िता द्वारा अपनी मां से बात कराने के अनुरोध के बावजूद, आसिफ नाम के आरोपी ने जेब से काली बंदूक निकालकर दिखाई। इसके बाद अन्य दो आरोपियों ने चाकू निकाले और युवती को जबरन पार्क के एक सुनसान और अंधेरे हिस्से में ले गए।
तीनों में बारी बारी लड़की से किया दुष्कर्म
पीड़िता का आरोप है कि तीनों आरोपियों आसिफ, हेमू और दीपू ने बारी-बारी से चाकू की नोक पर उसके साथ दरिंदगी की। आरोपी आसिफ ने पीड़िता की गर्दन पर चाकू रखकर यौन उत्पीड़न किया, जबकि अन्य आरोपी पहरा दे रहे थे। वारदात के बाद आरोपियों ने पीड़िता को केवल टी-शर्ट और जींस वापस दी और धमकी दी कि यदि उन्होंने तुरंत पार्क नहीं छोड़ा या पुलिस को सूचित किया तो वे उन्हें जान से मार देंगे।
आरोपी की तलाश कर रही पुलिस
आरोपियों के जाने के बाद पीड़िता ने अपने दोस्त को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस को घटनास्थल से एक इस्तेमाल किया हुआ कंडोम बरामद हुआ है। पीड़िता द्वारा बताए गए आरोपियों के हुलिए कपड़ों के रंग और नाम के सुरागों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की हैं।

