Homeभारतगुजरातवड़ताल के श्रीजी आर्केड में मदरसा बनने की आशंका से ग्रामीणों में...

वड़ताल के श्रीजी आर्केड में मदरसा बनने की आशंका से ग्रामीणों में भड़का रोष: VHP और बजरंग दल का उग्र विरोध!

महज 1 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले तीर्थस्थल में दुकानें बिकने पर हिंदू समाज मैदान में, कॉम्प्लेक्स के बाहर बैनर लगाकर कड़ा विरोध
खेड़ा जिले में लगातार बढ़ रही ऐसी विवादित घटनाओं से स्थानीय लोगों में गंभीर चिंता और हालात पर खड़े हुए सवाल

वड़ताल/खेड़ा : गुजरात के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल वड़ताल की पवित्र धरती पर इस समय एक नया और गंभीर विवाद सामने आया है। वड़ताल के पास स्थित ‘श्रीजी आर्केड’ कॉम्प्लेक्स विवाद के घेरे में आ गया है। इस कॉम्प्लेक्स के मालिक द्वारा तीसरी मंजिल की आठ दुकानें मुस्लिम समुदाय के लोगों को बेचे जाने के बाद स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में भारी हलचल मच गई है। ये दुकानें किस उद्देश्य से बेची गई हैं, इस संबंध में विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा की गई जांच में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं, जिसके चलते ग्रामीणों और संगठनों में आक्रोश का ज्वालामुखी फूट पड़ा है।

क्या है पूरे विवाद का रहस्य?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीजी आर्केड कॉम्प्लेक्स की आठ दुकानें मुस्लिम समुदाय को बेचे जाने के बाद वहां कथित तौर पर ‘मदरसा’ बनाए जाने की सूचना सामने आई है। यह बात जंगल में आग की तरह फैलते ही ग्रामीण भड़क उठे। जिस गांव में मुस्लिम आबादी बमुश्किल 1 प्रतिशत भी नहीं है, ऐसे तीर्थ क्षेत्र में अचानक मदरसा बनाने की साजिश किस इरादे से रची जा रही है? इस तरह के गंभीर सवाल अब आम चर्चा का विषय बन गए हैं।

VHP और बजरंग दल का उग्र विरोध, चेतावनी के बैनर लगाए गए

इस गंभीर मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता तुरंत एक्शन मोड में आ गए हैं। इन संगठनों द्वारा इस पूरे प्रकरण का बेहद आक्रामक अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया गया है। विरोधस्वरूप कॉम्प्लेक्स के बाहर स्पष्ट शब्दों में बैनर और पोस्टर लगा दिए गए हैं जिन पर लिखा है, “यह जगह मदरसा बनाने के लिए बेची गई है, हिंदू समाज इसका कड़ा विरोध करता है।” इस कदम से पूरे इलाके में पुलिस बंदोबस्त और तनावपूर्ण शांति जैसा माहौल बन गया है।

खेड़ा जिले में सवाल खड़े करती स्थिति!

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, खेड़ा जिले में पिछले कुछ समय से इस तरह के विवाद और गतिविधियां लगातार सामने आ रही हैं, जो आने वाले समय में सामाजिक सौहार्द और सुरक्षा के लिहाज से गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments