अहमदाबाद। शहर के स्मार्ट ट्रांसपोर्ट और कानून-व्यवस्था की पोल खोलने वाला एक बेहद चौंकाने वाला और आंखें खोल देने वाला मामला सामने आया है। अहमदाबाद म्युनिसिपल ट्रांसपोर्ट सर्विस (एएमटीएस) की गंभीर लापरवाही के बीच एक ही पंजीकरण नंबर (जीजे 27 टीजे 3550) वाली दो-दो इलेक्ट्रिक (ईवी) बसें शहर की सड़कों पर सरेआम दौड़ रही थीं। तंत्र के जिम्मेदार अधिकारी और ट्रैफिक पुलिस सोते हुए पकड़े गए, लेकिन एक जागरूक नागरिक की सतर्क नजर ने इस बड़े घोटाले या घोर लापरवाही का पर्दाफाश कर दिया।
जागरूक नागरिक की नजर में पकड़ा गया चौंकाने वाला खेल
मिली जानकारी के अनुसार, अहमदाबाद की सड़कों पर यात्रियों को लाने-ले जाने वाली एएमटीएस की दो इलेक्ट्रिक बसों पर एक जैसी ही नंबर प्लेट लगी हुई थी। तंत्र की इस खुली आपराधिक लापरवाही पर अब तक किसी अधिकारी या कर्मचारी का ध्यान नहीं गया था। लेकिन, सड़क से गुजर रहे एक जागरूक नागरिक का ध्यान इन दोनों बसों के एक समान पंजीकरण नंबर पर पड़ते ही वे भी आश्चर्यचकित रह गए। नागरिक ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए पुलिस को इस बारे में सूचित किया। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की तो इस पूरे मामले का भंडाफोड़ हुआ।
बड़ा सवाल: अगर हादसा होता या किसी की जान जाती तो जिम्मेदार कौन होता?
इस घटना के सामने आने के बाद अब आम जनता में कई तीखे और गंभीर सवाल उठ रहे हैं:
अगर इन दोनों में से किसी एक बस से कोई गंभीर हादसा हो जाता और किसी निर्दोष नागरिक की मौत हो जाती, तो असल में कौन सी बस और कौन सा ड्राइवर जिम्मेदार ठहराया जाता?
कोई अपराध करने के बाद अगर यह बस भाग निकलती, तो सीसीटीवी या नंबर प्लेट के आधार पर असली अपराधी को कैसे पकड़ा जा सकता था?
क्या यह सिर्फ कागजों पर हुई गलती है या फिर बस ऑपरेटर या ठेकेदार द्वारा की जा रही किसी बड़ी धांधली और घोटाले का हिस्सा है?
तंत्र की घोर निष्क्रियता पर जनता में भारी आक्रोश
लाखों यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाली इस घटना ने अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (एएमसी) और एएमटीएस विंग की निगरानी पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाने वाली ऐसी बसें शहर में घूमें और ट्रैफिक पुलिस या आरटीओ की नजर में यह बात न आए, यह बेहद गंभीर मामला है। फिलहाल इस मामले में जांच तेज कर दी गई है, लेकिन जनता एक ही मांग कर रही है कि इस लापरवाही के पीछे जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

