अहमदाबाद। शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (एएमसी) का तंत्र सक्रिय हो गया है। सार्वजनिक रूप से गंदगी फैलाने और सरकार द्वारा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का खुलेआम उपयोग करने वाले बेलगाम व्यापारियों के खिलाफ एएमसी के पश्चिमी जोन के ठोस अपशिष्ट (सॉलिड वेस्ट) विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए दंडात्मक कार्रवाई की है।
पश्चिमी जोन में दिन-रात चेकिंग: 237 इकाइयों की जांच, 145 को नोटिस
एएमसी द्वारा पश्चिमी जोन में विशेष स्क्वॉड टीमें बनाकर पिछले तीन दिनों के दौरान दिन और रात के समय सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान नारणपुरा, राणीप, नवा वाडज, नवरंगपुरा, एस.पी. स्टेडियम और साबरमती सहित विभिन्न इलाकों में स्थित खाने-पीने के ठेलों, दुकानों और व्यावसायिक इकाइयों सहित कुल 237 स्थानों पर औचक निरीक्षण किया गया। इनमें से सार्वजनिक रूप से गंदगी और प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग करते पाए गए 145 इकाइयों को तत्काल प्रभाव से नोटिस जारी किया गया।
3.8 किलो प्लास्टिक जब्त, 8 इकाइयों को सील कर कड़ी कार्रवाई
जांच के दौरान टीम ने मौके से 3.8 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया और केवल प्लास्टिक के उपयोग पर 57,000 का प्रशासनिक शुल्क वसूला। इसके अलावा, सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों पर कचरा फेंककर परेशानी खड़ी करने और बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाली 8 इकाइयों (गंभीर अपराधियों के समान) को सील कर दिया गया। पूरी कार्रवाई के दौरान एएमसी ने कुल मिलाकर 2 लाख 10 हजार का जुर्माना और प्रशासनिक शुल्क वसूल कर असामाजिक तत्वों में खौफ पैदा कर दिया है।
महानगर मेट्रो के तीखे और चुभते सवाल:
एएमसी की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन जनता के मन में कई सवाल घूम रहे हैं:
केवल कागजों पर नोटिस या स्थायी समाधान?: 145 इकाइयों को नोटिस देने के बाद, क्या ये इकाइयां फिर से सार्वजनिक रूप से गंदगी या प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगी, इसकी नियमित जांच के लिए तंत्र के पास कोई ठोस योजना है?
प्लास्टिक बाजार में आता कहां से है?: छोटे व्यापारियों पर जुर्माना लगाने के अलावा, प्रतिबंधित प्लास्टिक का उत्पादन और थोक आपूर्ति करने वाले मुख्य माफियाओं तक तंत्र के हाथ क्यों नहीं पहुंच रहे हैं?
स्थायी निगरानी कब?: बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों से केवल जुर्माना वसूल कर संतुष्ट होने के बजाय, उनके खिलाफ स्थायी कानूनी कार्रवाई और निरंतर निगरानी की व्यवस्था कब स्थापित की जाएगी?
एएमसी ने आने वाले दिनों में भी इस तरह का अभियान जारी रखने की घोषणा की है, लेकिन यह बहुत जरूरी है कि ये छापे केवल कागजों पर जुर्माना वसूलने तक सीमित न रहें, बल्कि शहर को वास्तव में प्लास्टिक मुक्त बनाएं।

