सूरत : डायमंड सिटी और टेक्सटाइल हब के नाम से मशहूर सूरत अब क्राइम सिटी बनता दिख रहा है। शहर में लगातार हो रही हत्याएं, धमकी, हथियारों से हमले, लूटपाट, देसी-विदेशी शराब की खुली बिक्री और जुए के अड्डों की असामाजिक गतिविधियों ने अधिकारियों और पुलिस सिस्टम के दावों की हवा निकाल दी है।
विपक्ष और आम जनता ने सरकार के खिलाफ आक्रामक घेराबंदी शुरू कर दी है और गंभीर आरोप लगाए हैं कि होम मिनिस्टर हर्ष संघवी और राज्य BJP के ताकतवर नेता C.R. पाटिल के गृह जिले सूरत में लॉ एंड ऑर्डर की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अपराधी बेलगाम हैं और जनता डर के साये में है:
विपक्ष के कड़े सवाल
विपक्षी नेताओं और स्थानीय नेताओं ने BJP सरकार और गृह विभाग पर हमला बोलते हुए चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं:
अपराधियों को बचाने का आरोप: विपक्ष का सीधा आरोप है कि असामाजिक तत्वों और गैर-कानूनी धंधे चलाने वालों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, जिसकी वजह से अपराधियों में कानून या पुलिस का कोई डर नहीं है।
आम तौर पर हत्या और लूट का आतंक: शहर के अलग-अलग इलाकों में आम सड़कों पर धारदार हथियारों से हमले, पुरानी रंजिश में खूनी खेल और लूटपाट की घटनाओं ने व्यापारियों और आम नागरिकों में बहुत डर का माहौल बना दिया है।
शराब और जुए के अड्डों का साम्राज्य: राज्य में सख्त शराबबंदी के दावों के बीच विपक्ष ने पूछा है, “क्या सूरत को गुजरात की क्राइम कैपिटल बनाने का कोई प्लान है?” लोकल पुलिस सिस्टम का दावा और एक्शन प्लान
दूसरी तरफ, सूरत शहर की पुलिस और बड़े अधिकारियों ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि शहर में क्राइम रोकने के लिए एक कैंपेन चलाया जा रहा है:
- कॉम्बिंग और राउंड-द-क्लॉक पेट्रोलिंग: शहर के सेंसिटिव इलाकों में सरप्राइज रेड और नाइट पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है।
- आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त कानून: शराब और जुए के अड्डे चलाने वालों, हमलावरों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ PASA (पासा) और तड़ीपार समेत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

