संजय राउत ने दावा किया कि उन्हें संदेह है कि जेल में बिताया समय उनके कैंसर का मूल कारण था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें यह पता लगाने के लिए विषाक्तता परीक्षण कराने का सुझाव दिया था कि कहीं उनके भोजन में जहर तो नहीं मिलाया गया था।
मुंबई : पात्रा चॉल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आर्थर रोड जेल में 101 दिन बिताने वाले शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जेल से बाहर आने के बाद ही उन्हें कैंसर का पता चला। उन्हें शक है कि उनके कैंसर की जड़ें जेल में दिए गए ‘स्लो पॉइज़निंग’ (धीरे-धीरे जहर देने) में हो सकती हैं। संजय राउत ने बताया कि कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी ने उनकी सेहत के बारे में पूछा और उन्हें टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट करवाने की सलाह दी थी। संजय राउत का दावा है कि राहुल गांधी ने उनसे यह भी कहा कि ‘हम जैसे लोगों के साथ जेल में कुछ भी हो सकता है’ और इस शक का समर्थन किया कि उन्हें को किसी तरह का जहर दिया गया था।
संजय राउत ने कहा कि10 दिन पहले राहुल गांधी मुझसे मिले थे। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मेरी बीमारी के बारे में पूछा। उन्होंने भी यह शक जताया। राहुल गांधी ने कहा कि हम जैसे लोगों के साथ जेल में कुछ भी हो सकता है।
‘जेल में ही हुआ कैंसर’
संजय राउत ने कहा कि राहुल गांधी ने मुझसे टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट करवाने के लिए कहा है। राहुल गांधी को लगता है कि मेरे शरीर में जहर का असर है। इसलिए, उन्होंने मुझे टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट करवाने को कहा है। सरकार इतनी बेरहम है कि जेल में कुछ भी कर सकती है। राहुल गांधी ने मुझसे कहा, ‘आप जैसे इंसान को ऐसी बीमारी क्यों होनी चाहिए?’ मुझे याद है कि यह बीमारी जेल में रहने के दौरान ही शुरू हुई थी।
जेल में स्लो पॉइजन देने की जताई आशंका
कोल्हापुर में एक मराठी अखबार को दिए इंटरव्यू में संजय राउत ने कहा, ‘मेरा कैंसर जेल में ही शुरू हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद मुझे कैंसर का पता चला।’ बाद में, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें फिर से स्लो पॉइजनिंग दी गई थी। इस पर संजय राउत ने कहा, ‘अब मुझे ऐसा लगने लगा है।
राहुल जी ने मुझसे विषाक्तता परीक्षण कराने को कहा था, ताकि पता चल सके कि भोजन में जहर तो नहीं मिलाया गया। जेल में इस बात की आशंका रहती है कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले हम जैसे लोगों के साथ ऐसा हो सकता है। अधिकारी भोजन और पानी में किसी भी तरह की गड़बड़ी कर सकते हैं। राहुल गांधी ने हमें आगाह किया है कि ऐसा हो सकता है। संजय राउत
101 दिन जेल में रहे हैं संजय राउत
संजय राउत को पात्रा चॉल जमीन मामले में 1 अगस्त 2022 को गिरफ्तार किया गया था और 101 दिन बाद 9 नवंबर 2022 को आर्थर रोड जेल से रिहा किया गया था। बाद में उन्होंने जेल के अपने अनुभवों को अपनी किताब ‘नरकातला स्वर्ग’ (नरक में स्वर्ग) में लिखा। उन्होंने बताया है कि नवंबर 2025 में उन्हें पेट का कैंसर होने का पता चला और उन्होंने घर और अस्पताल में कीमोथेरेपी और रेडिएशन का इलाज कराया। राज्यसभा सदस्य राउत ने दावा किया कि जेल में बंद रहे अन्य राजनीतिक नेताओं की हालत भी खराब है।

