‘ऑपरेशन हॉक आई’ में मध्य प्रदेश से गिरफ्तारवासना पुलिस ने हाई-टेक मॉनिटरिंग और खास जानकारी के आधार पर चलाए गए ‘ऑपरेशन हॉक आई’ के तहत पिछले 7 सालों से पुलिस को चकमा दे रहे मोस्ट वांटेड आरोपी भीलेशभाई वीरूभाई कोठिया को मध्य प्रदेश के बैतूल से गिरफ्तार किया है। जिसके खिलाफ गुजरात और महाराष्ट्र में 14.50 करोड़ रुपये से ज़्यादा की धोखाधड़ी के कुल 7 गंभीर अपराध दर्ज हैं, पुलिस ने इस कुख्यात ठग को गिरफ्तार करके एक बड़े इंटर-स्टेट बैंकिंग और सेमीकंडक्टर फ्रॉड का भंडाफोड़ किया है। 20 शेल कंपनियों और 64 बैंक अकाउंट के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
पुलिस की शुरुआती जांच में भीलेश कोठिया के काम करने के बहुत ही मुश्किल और चालाक तरीके का पता चला है:
नकली डॉक्यूमेंट से लोन: नकली डॉक्यूमेंट और प्रॉपर्टी की नकली गारंटी दिखाकर अलग-अलग बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन लेना और बैंकों को चूना लगाना।
शेल कंपनियों का नेटवर्क: ‘TAUSCHEN GROUP’ से जुड़ी करीब 20 नकली (शेल) कंपनियां बनाकर उनके नाम पर काला धन ट्रांसफर करना।
बैंक अकाउंट: अलग-अलग बैंकों के करीब 64 संदिग्ध अकाउंट जांच के दायरे में लिए गए हैं, जिनमें करोड़ों रुपये का ट्रांजैक्शन मिला है, पुलिस ने तुरंत 20
लाख रुपये की रकम फ्रीज कर दी है।
सेमीकंडक्टर प्लांट और “क्रिप्टो सेमी कॉइन” से इन्वेस्टर्स से 5 करोड़ रुपये ठगे गए।
आरोपी ने न सिर्फ बैंकों को बल्कि आम इन्वेस्टर्स को भी बड़ा लालच देकर लूटा है। ‘TAUSCHEN Liberal Scientific Technologies’ नाम की कंपनी बनाकर, उन्होंने सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के नाम पर और “Project Silica IPO Token Crypto Semi Coin” जैसे गुमराह करने वाले क्रिप्टो प्रोजेक्ट दिखाकर इन्वेस्टर्स से Rs 5 करोड़ से ज़्यादा इकट्ठा किए थे।
प्रॉपर्टी ज़ब्त: Rs. 34.30 लाख कैश ज़ब्त
वासना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से एक महंगी कार, 6 स्मार्टफोन, एक लैपटॉप और डिजिटल सबूत समेत कुल Rs. 34,30,000 की प्रॉपर्टी ज़ब्त की है। फिलहाल, पुलिस आरोपी का रिमांड लेकर इस इंटरस्टेट रैकेट और फाइनेंशियल क्राइम में शामिल दूसरी चीज़ों की पूरी जांच कर रही है।

