डूसू चुनाव के उम्मीदवार का साथ देने को लेकर हुए विवाद में दिल्ली पुलिसकर्मी के बेटे और उसके दोस्त का अपहरण कर बेरहमी से मारपीट की गई।
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव के संभावित उम्मीदवार के साथ खड़े होने का विवाद अब मारपीट और अपहरण तक पहुंच गया है। वजीरपुर गांव के शिव शंकर चौक के पास दिल्ली पुलिसकर्मी के बेटे समेत दो युवकों को कथित तौर पर अगवा कर कार में पीटने का मामला सामने आया है।
क्या है आरोप
आरोप है कि फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो कार में सवार 10 से 15 लड़कों ने उदित कुमार और उसके दोस्त नितिन को जबरन कार में बैठाया। बाद में गुजरांवाला टाउन स्थित विनायक अस्पताल के पास सड़क पर फेंक दिया। डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि गुरुवार शाम शिव शंकर चौक, वजीरपुर गांव के पास दो लड़कों के साथ मारपीट और उन्हें जबरन कार में ले जाने की सूचना मिली थी।
जांच में आया सामने
शुरुआती जानकारी में पता चला कि उदित और नितिन को कुछ लोग अगवा करके ले गए हैं। हालांकि कुछ देर बाद दोनों युवक वापस अपने घर पहुंचे। उनके शरीर पर चोट के निशान थे। पुलिस ने दोनों का मेडिकल कराया।
दोस्त को बचाने की कोशिश
उदित ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनके दोस्त नितिन ने कॉलेज चुनाव में संभावित प्रत्याशी से हाथ मिलाया था। आरोप है कि इसी बात से दूसरा पक्ष नाराज था। उदित के मुताबिक, आरोपी नितिन के साथ मारपीट कर रहे थे। उन्होंने जब नितिन को आवाज लगाई और बचाने के लिए आगे बढ़े तो आरोपियों ने उन्हें भी पकड़ लिया और दूसरी गाड़ी में जबरन बैठा लिया। दोनों को गाड़ियों में कुछ देर तक इधर-उधर घुमाया। इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई।
पुलिस जांच रही आरोपियों की भूमिका
उदित वजीरपुर गांव में परिवार के साथ रहते है। उनके पिता विनोद कुमार दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं। वह सत्यवती कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर चुके है। अशोक विहार थाना पुलिस ने दोनों युवकों के बयान के आधार पर अपहरण, मारपीट और आपराधिक धमकी देने का मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान करने के साथ ही वारदात की वजह और इसमें शामिल प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।

