अपने बेबाक अंदाज और बोल्ड बयानों के लिए जानी जाने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू एक बार फिर चर्चा में हैं। तापसी, जो पहले कंगना रनौत के साथ अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में थीं, ने अब अपनी आने वाली फिल्म ‘गांधारी’ की रिलीज से पहले समाज और फिल्म इंडस्ट्री की सोच पर तीखा हमला किया है। तापसी ने ‘स्ट्रॉन्ग वुमन’ शब्द के गलत इस्तेमाल को लेकर बहुत ही चौंकाने वाला बयान दिया है।
यह टैग तारीफ नहीं, बल्कि अपमान जैसा लगता है
एक इंटरव्यू के दौरान तापसी पन्नू ने समाज और सिनेमा में महिलाओं की इमेज को लेकर फैली गलतफहमियों पर से पर्दा उठाया। तापसी ने खुलकर कहा, “आजकल ‘स्ट्रॉन्ग वुमन’ शब्द एक श्राप जैसा लगने लगा है क्योंकि लोग इसकी सही परिभाषा नहीं जानते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि समाज और महिला विरोधी सोच वाले लोगों ने इस शब्द का मतलब इतना बिगाड़ दिया है कि अब जब किसी महिला को ‘मजबूत महिला’ कहा जाता है, तो यह तारीफ के बजाय अपमान या गाली जैसा लगता है।
महिला सशक्तिकरण की गलत परिभाषा के खिलाफ उठाई आवाज
फिल्म ‘गांधारी’ में एक मजबूत और संघर्षशील किरदार निभाने वाली तापसी का मानना है कि जब भी कोई महिला अपने हक के लिए आवाज उठाती है या अपने फैसले खुद लेती है, तो उसे ‘मजबूत’ या ‘असभ्य’ करार दिया जाता है। समाज ने एक मजबूत महिला की ऐसी इमेज बना दी है कि वह किसी से घुल-मिल नहीं पाती या हमेशा आक्रामक रहती है। तापसी के इस बोल्ड बयान ने न सिर्फ बॉलीवुड में बल्कि सोशल मीडिया पर भी एक नई चर्चा छेड़ दी है।
तापसी पन्नू एक बार फिर अपनी फिल्म ‘गांधारी’ से बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। तापसी पन्नू महिला केंद्रित और चुनौतीपूर्ण किरदार चुनने के लिए जानी जाती हैं। ‘पिंक’, ‘थप्पड़’ और ‘हसीन दिलरुबा’ जैसी सुपरहिट फिल्में देने के बाद, दर्शकों में उनकी आने वाली फिल्म ‘गांधारी’ को लेकर काफी उत्सुकता है। फिल्म की रिलीज से पहले तापसी के बयान ने यह साबित कर दिया है कि वह न सिर्फ पर्दे पर बल्कि असल जिंदगी में भी किसी भी मुद्दे पर अपना पक्ष रखने से पीछे नहीं हटती हैं।

