अयोध्या में राम मंदिर में डोनेशन और फाइनेंशियल गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर जहां देशभर में चर्चा हो रही है, वहीं दुनिया भर में मशहूर पुरी श्री जगन्नाथ मंदिर एडमिनिस्ट्रेशन (SJTA) ने मंदिर के फाइनेंशियल बैलेंस के बारे में चौंकाने वाली और ट्रांसपेरेंट डिटेल्स जारी की हैं। एडमिनिस्ट्रेशन ने ऑफिशियली बताया है कि पुरी श्री जगन्नाथ मंदिर का मौजूदा बैंक बैलेंस लगभग ₹1,912 करोड़ है।
चोरी और अफवाहों के बाद एक्शन में एडमिनिस्ट्रेशन: सख्त अकाउंटिंग और डेली ऑडिट
मंदिर में गड़बड़ियों या चोरी के पिछले मामलों और हाल के विवादों के बाद मौके पर डिटेल्स देते हुए SJTA ने साफ किया है कि अब मंदिर के सभी एडमिनिस्ट्रेटिव स्ट्रक्चर बहुत ही सिस्टमैटिक और सख्त ऑडिट प्रोसेस के तहत चलाए जाते हैं।
डेली डोनेशन काउंटिंग: मंदिर की हुंडी (डोनेशन बॉक्स) में आए कैश डोनेशन की गिनती हर शाम की जाती है और डिटेल्स अनाउंस की जाती हैं। डिजिटल डोनेशन ट्रेंड: जुलाई में लॉन्च हुए ऑफिशियल डिजिटल डोनेशन प्लेटफॉर्म ‘समर्पण’ के ज़रिए भक्तों ने अब तक ₹56.7 लाख का ऑनलाइन डोनेशन दिया है।
कहां से आती है करोड़ों रुपये की इनकम?
जगन्नाथ मंदिर एडमिनिस्ट्रेशन और उसके फंड मैनेजमेंट सिस्टम की इनकम के सोर्स भी बहुत मज़बूत बनाए गए हैं। मंदिर की इनकम मुख्य रूप से भक्तों द्वारा दिए जाने वाले दान और गिफ्ट, बड़े फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाले ब्याज, मंदिर की ज़मीनों के एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रांज़ैक्शन और सरकारी ग्रांट से होती है।
इस इनकम का एक बड़ा हिस्सा ‘कॉर्पस फंड’ और ‘फाउंडेशन फंड’ के तौर पर सुरक्षित रखा जाता है, ताकि भविष्य में मंदिर की व्यवस्थाओं और डेवलपमेंट के कामों के लिए कोई फाइनेंशियल संकट न हो। राम मंदिर डोनेशन विवाद के बीच, पुरी जगन्नाथ तंत्र का यह ट्रांसपेरेंट अकाउंटिंग दूसरे धार्मिक ट्रस्टों के लिए भी एक मज़बूत मिसाल साबित हो रहा है।

