छोटा उदयपुर ज़िले में कलारानी के पास रंगली चार रास्ता के पास हॉस्टल के लिए दी गई सरकारी बेकार ज़मीन को लेकर गांववालों में विरोध शुरू हो गया है।
कलारानी ग्रुप ग्राम पंचायत ने ज़िला कलेक्टर को एक अर्ज़ी देकर इस ज़मीन के अलॉटमेंट को खारिज़ कर दिया है, और यहां हॉस्पिटल बनाने की मांग की है।
गांववालों का कहना है कि इलाके में सही हेल्थ सुविधाएं न होने की वजह से इमरजेंसी में मरीज़ों को बोडेली समेत दूसरी जगहों पर ले जाना पड़ता है।
छोटा उदयपुर ज़िले में कलारानी गांव और आस-पास के गांवों में हॉस्पिटल बनाने की मांग उठ रही है।
कलारानी के पास रंगली चार रास्ता के पास सरकारी बेकार ज़मीन को हॉस्टल बनाने के लिए अलॉट किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में विरोध शुरू हो गया है।
गांववालों का कहना है कि इस इलाके में अभी सही हेल्थ सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। गंभीर बीमारी या इमरजेंसी में मरीज़ों को इलाज के लिए बोडेली या दूसरे शहरों में ले जाना पड़ता है।
गांववालों की मांग है कि लोकल लेवल पर हॉस्पिटल की सुविधा दी जाए ताकि मरीज़ को समय पर इलाज मिल सके।
कलारानी ग्रुप ग्राम पंचायत ने डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को एक एप्लीकेशन देकर रिक्वेस्ट की है कि हॉस्टल के लिए दी गई ज़मीन का अलॉटमेंट रिजेक्ट किया जाए और उसी सरकारी ज़मीन को हॉस्पिटल बनाने के लिए अलॉट किया जाए।
गांववालों के मुताबिक, अगर यहां हॉस्पिटल बन जाता है, तो कलारानी समेत आस-पास के कई गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
इमरजेंसी के समय मरीज़ों को ले जाने में होने वाली मुश्किल, समय और खर्च भी कम हो सकता है।
हालांकि, अगर गांववालों की मांग नहीं मानी गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन की धमकी भी दी गई है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि गांववालों की इस बात पर विचार करके डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन क्या फैसला लेता है और कलारानी में हॉस्पिटल का सपना पूरा होता है या नहीं।
इमरान मिर्जा*

