19 साल का कृष्णा जम्मू का रहने वाला था। सुसाइड नोट में उसने लिखा कि वह कुछ कर नहीं पा रहा है। इसलिए अपनी जान दे रहा है।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले होनहार छात्र कृष्णा ने गुरुवार देर रात एक पीजी में फांसी लगा ली। मरने से पहले उसने सुसाइड नोट में लिखा- मैं लूजर हूं। कुछ कर नहीं पा रहा हूं, इसलिए जान दे रहा हूं। 19 साल के बेटे की मौत की खबर सुनकर घरवाले हैरान- परेशान हैं। तीन महीने पहले ही युवक ने एनडीए की लिखित परीक्षा पास की थी।
कृष्णा के पिता विक्रांत शर्मा जम्मू के पीर मीठा इलाके में रहते हैं। वह भाजपा के पूर्वी मंडल के प्रवक्ता हैं। कृष्णा चार दिन पहले ही घर से अलीगढ़ वापस लौटा था। पिता ने बताया कि घटना से तीन घंटे पहले ही उनकी कृष्णा से वीडियो कॉल पर बात हुई थी। कृष्णा ने 12वीं के बाद एएमयू के विदेशी भाग में बीए सेकेंड इयर में फ्रेच भाषा की पढ़ाई कर रहा था।
पिता जम्मू से अलीगढ़ पहुंचे
कृष्णा एएमयू के बाहर दोदपुर इलाके में एक मकान में पीजी में रहता था। उसने एनडीए की लिखित परीक्षा पास कर ली थी। अब इंटरव्यू होना था। बेटे की मौत की खबर पाकर पिता जम्मू से अलीगढ़ पहुंच गए हैं।
सुसाइड नोट में लिखा था ‘बाबू’
पुलिस को कृष्णा के कमरे से जो सुसाइड नोट मिला है उसमें बाबू शब्द भी लिखा है। पुलिस इसको लेकर कृष्णा के साथियों से पूछताछ कर रही है। साथियों ने बताया कि वह किसी से फोन पर काफी देर तक बाते करता था। पुलिस मोबाइल का लॉक खुलवाने की कोशिश कर रही है। कॉल डिटेल मिलने पर आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो सकता है।
बहन से वीडियो कॉल पर राखी बंधवाने का किया था वादा
पिता ने बताया कि कृष्णा बीते 15 अगस्त को जम्मू से अलीगढ़ लौटा था। उसने रक्षाबंधन पर बहन से वादा किया था कि वह वीडियो कॉल पर राखी बंधवाएगा। उससे पहले ही मौत की खबर आ गई। कृष्णा की मौत के बाद मां और बहन बदहवास हैं।

