नागदा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता बसंत मालपानी 23 जुलाई (गुरुवार) को शाम 5:00 बजे अपने तीन बच्चों के साथ मंडी थाना चौराहा से बस स्टैंड स्थित भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा तक शांतिपूर्ण एवं गैर-राजनीतिक पैदल मार्च निकालेंगे।
बसंत मालपानी ने बताया कि वे इस मार्च में अपने तीन बच्चों को इसलिए साथ लेकर चल रहे हैं, क्योंकि यह आंदोलन आने वाली पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा हुआ है। उनका मानना है कि यदि आज शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए समाज आवाज नहीं उठाएगा, तो इसका सबसे बड़ा प्रभाव आज के बच्चों और उनके भविष्य पर पड़ेगा। बच्चों की उपस्थिति इस बात का प्रतीक होगी कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति या दल का नहीं, बल्कि देश के हर विद्यार्थी और उनके उज्ज्वल भविष्य का है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। छात्रों पर बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और विद्यार्थियों की बात को सम्मानपूर्वक सुना जाना समय की आवश्यकता है।
बसंत मालपानी ने सभी जागरूक नागरिकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं समाज के प्रबुद्धजनों से अपील की है कि वे इस शांतिपूर्ण पदयात्रा में शामिल होकर शिक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों और देश के भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दें।
नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट

