दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लग्जरी एसयूवी चोरी कर फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ 12 चोरी की गाड़ियां, फर्जी नंबर प्लेट और नकली आरसी बरामद की गई हैं।
नई दिल्ली: आपके पास लग्जरी कार है? अगर हां तो सावधान हो जाइए, कागज जांच कर देखिए कहीं वो नकली तो नहीं? क्योंकि ऐस ही मामला दिल्ली का है जहां आरोपी मंहगी गाड़ियों को 4-5 लाख में खरीदकर, हेराफेरी कर ऊंचे दामों में बेच रहें थे।दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लग्जरी एसयूवी चोरी कर उन्हें फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरे राज्यों में बेचने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में पंजाब और राजस्थान के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 12 चोरी की लग्जरी गाड़ियां बरामद हुई हैं, जिन पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थीं और उनके साथ नकली रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी मिले।
पुलिस के अनुसार, आरोपी चोरी की महंगी एसयूवी को केवल 4 से 5 लाख रुपये में खरीदते थे। इसके बाद गाड़ियों के इंजन और चेसिस नंबर बदलकर उन्हें असली दिखाया जाता था और फिर पंजाब व राजस्थान में ऊंचे दाम पर बेच दिया जाता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से इस तरीके से वाहन तस्करी कर रहा था।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस ने गुरविंदर सिंह बैंका (पंजाब) और दशरथ बिश्नोई (राजस्थान) को गिरफ्तार किया है।
दोनों पर चोरी की गाड़ियों को खरीदकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचने का आरोप है।
ऐसे हुआ गिरोह का खुलासा
दिल्ली में लग्जरी गाड़ियों की बढ़ती चोरी के मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और खुफिया जानकारी का विश्लेषण किया।
जांच के दौरान पता चला कि चोरी की गाड़ियां पंजाब भेजी जा रही हैं।
7 जून को प्रशांत विहार में दर्ज एक वाहन चोरी के मामले की जांच के दौरान गुरविंदर को पूर्वी दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक चोरी की एसयूवी मिली, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी।
पुलिस ने क्या बरामद किया?
12 लग्जरी एसयूवी बरामद।
सभी गाड़ियों पर फर्जी नंबर प्लेट और नकली आरसी मिली।
बरामद गाड़ियों में टोयोटा फॉर्च्यूनर, महिंद्रा थार, किआ और हुंडई क्रेटा जैसी एसयूवी शामिल हैं।
आगे की जांच जारी
गुरविंदर की निशानदेही पर अमृतसर और तरनतारन में छापेमारी कर कई और वाहन बरामद किए गए।
बाद में दशरथ को राजस्थान के जोधपुर के ओसियां टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी की गाड़ियों के खरीदारों की पहचान करने में जुटी है।

