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AAP के बागी गुट IVP का दिल्ली BJP में हो सकता है विलय, 16 पार्षदों की नजर नगर निकाय के अहम पदों पर

आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले पार्षदों ने एक और बड़ा फैसला ले सकते हैं। जिसके तहत इनकी पार्टी ‘इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी’ बीजेपी में विलय कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि आईवीपी और बीजेपी के विलय को लेकर सीनियर लेवल पर बातचीत हो चुकी है और दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई है।

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले पार्षदों की बनाई ‘इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी’ के बनने के मुश्किल से 14 महीने बाद ही, इसके BJP में विलय के कयास लगाए जा रहे हैं। पार्टी के 16 पार्षदों के एमसीडी चलाने वाली बीजेपी में शामिल होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, आईवीपी और बीजेपी के विलय को लेकर सीनियर लेवल पर बातचीत हो चुकी है और दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई है। जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है।

यह कदम चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन के चुनाव के पहले उठाया गया

यह कदम इस महीने 12 एसमीडी जोन में चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन के साथ-साथ छह स्टैंडिंग कमेटी सदस्यों के चुनाव से पहले उठाया गया है। फरवरी 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनावों में हार के तीन महीने के अंदर ही आम आदमी पार्टी को एक और झटका लगा, जब उसके 16 पार्षदों ने अलग होकर आईवीपी बना ली। इस घटनाक्रम से वार्ड कमेटियों और स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव में रुकावट आई। मेयर का पद गंवाने के बाद, आम आदमी पार्टी ने स्टैंडिंग कमेटी में भी अपना बहुमत खो दिया।

तब से, छह बार पार्षद रहे मुकेश गोयल के नेतृत्व वाली आईवीपी म्युनिसिपल हाउस में अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी का समर्थन कर रही है, हालांकि, कई मुद्दों पर दोनों पार्टियों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं। एमसीडी में कुल 250 पार्षदों में से बीजेपी के पास 123 और आम आदमी पार्टी के पास 100 पार्षद हैं।

विलय के बाद बीजेपी के पास 139 पार्षद हो जाएंगे

आईवीपी के 16 पार्षदों के अलावा, कांग्रेस के पास नौ पार्षद हैं, फॉरवर्ड ब्लॉक के पास एक है, जबकि एक सीट खाली है। संभावित विलय के बाद, बीजेपी के पास 139 पार्षद हो जाएंगे, जिससे पार्टी को हाउस में स्पष्ट बहुमत मिल जाएगा।

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