दिल्ली में हरियाली और सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने के लिए कुरानी वन विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसमें इस्लामी परंपराओं में महत्वपूर्ण माने जाने वाले पेड़ लगाए जाएंगे। यह राजधानी के थीम आधारित वनों की नई पहल का हिस्सा होगा।
नई दिल्लीः राजधानी में हरियाली बढ़ाने की कोशिश के साथ अब संस्कृति को जोड़ने की पहल हो रही है। अलग-अलग थीम पर विकसित किए जा रहे ऋतु वन, नक्षत्र वन, पंचवटी वन के बाद राजधानी में कुरानी वन बनेगा। वन विभाग इस प्रपोजल पर काम शुरू कर चुका है। वन विभाग के अधिकारी के मुताबिक शुरुआती स्तर पर ऐसे पौधों और पेड़ों को शामिल करने पर विचार हो रहा है जिनका इस्लामी परंपराओं में महत्व माना जाता है। इनमें खजूर जैसे पेड़ भी शामिल होंगे।
ऋतु वन में मौसमों के अनुसार फूल और पत्तियों में बदलाव दिखाने वाले पेड़ लगाए जाएंगे। नक्षत्र वन में तारों और नक्षत्रों से जुड़े पौधे होंगे, जबकि राशि वन राशि चक्र की अवधारणा पर आधारित होगा। तीर्थंकर वन जैन परंपरा से प्रेरित होगा, बेल वन में बेल वृक्ष केंद्र में रहेगा।
क्या होते हैं कुरानी वन?
इसका मतलब ऐसे वन से है जिसमें उन पेड़-पौधों को लगाया जाए जिनका उल्लेख कुरान में मिलता है या जिनका इस्लामी परंपराओं में विशेष महत्व माना जाता है। इस जंगल में आमतौर पर खजूर, जैतून, अंजीर, अनार आदि के पेड़ होते हैं।
कहां-कहां हैं कुरानी वन?
कतर में कुरानिक बॉटेनिकल गार्डन काफी चर्चित है। इसे 2008 के आसपास शुरू किया गया था।
दुबई का कुरानिक पार्क 2019 में शुरू हुआ। यहां कई थीम वाले बगीचे हैं।
पाकिस्तान में भी कुरान गार्डन हैं। इन्हें धार्मिक-सांस्कृतिक शिक्षा से जोड़ा गया है।

