अहमद शाह मसूद मार्ग का नामकरण 5 अप्रैल 2007 को किया गया था। अफगानिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति हामिद करजई और भारत के तत्कालीन विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने संयुक्त रूप से इस मार्ग की पट्टिका का अनावरण किया था। इस अवसर पर दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित भी मौजूद थीं।
हाइलाइट्स
अफगानिस्तान के बहुत से लोगों के लिए वो अब भी राष्ट्रीय हीरो हैं अहमद शाह मसूद मार्ग
अहमद शाह मसूद ने तालिबान की ही तरह अल कायदा से भी कभी समझौता नहीं किया
अहमद शाह मसूद ने इतनी कड़ी चुनौती के बावजूद तालिबान के सामने कभी हार नहीं मानी
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली का अहमद शाह मसूद मार्ग अफगानिस्तान और भारत के रिश्ते की कहानी कहता है। यह मार्ग दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में स्थित एक प्रमुख सड़क है।अफगानिस्तान का दूतावास भी इसी क्षेत्र के पास है। इस मार्ग का नाम अफगानिस्तान के प्रसिद्ध सैन्य कमांडर और राजनीतिक नेता अहमद शाह मसूद के नाम पर रखा गया है, जिन्हें ‘पंजशीर का शेर’ भी कहा जाता है। उन्होंने सोवियत आक्रमण और बाद में तालिबान के खिलाफ संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
कौन थे अहमद शाह मसूद
1979 से 1989 तक चले सोवियत-अफगान युद्ध के दौरान, वे सोवियत कब्जे के खिलाफ अफगान मुजाहिदीन के सबसे प्रमुख कमांडर थे। बाद में, 1990 के दशक में, उन्होंने विरोधी मिलिशिया के खिलाफ सरकार की सैन्य शाखा का नेतृत्व किया और 1996 में तालिबान के सत्ता में आने से लेकर 2001 में अपनी हत्या तक, तालिबान और उनके सहयोगियों के खिलाफ सक्रिय रूप से लड़ाई लड़ी।
उनकी मौत के बाद, अफगानिस्तान ने उन्हें मरणोपरांत ‘अफगान राष्ट्र का नायक’ का सम्मान दिया। राजधानी में कई सड़कों के नाम अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के नाम पर रखे गए हैं।
दिल्ली की कई सड़कें अंतरराष्ट्रीय रिश्तों का रिकॉर्ड भी रखती हैं
नाम बदलने के लगभग दो दशक बाद भी, अहमद शाह मसूद मार्ग दिल्ली के नक्शे पर सिर्फ एक जगह का नाम नहीं है। राजधानी के डिप्लोमैटिक इलाके में स्थित यह सड़क इस बात की याद दिलाती है कि सार्वजनिक जगहें किस तरह अंतरराष्ट्रीय रिश्तों का रिकॉर्ड भी बन सकती हैं।
अकबर रोड: लुटियंस दिल्ली की यह वीवीआईपी सड़क मुगल सम्राट अकबर के नाम पर रखी गई है। पेड़ों से घिरी यह शांत सड़क भारत के कई राजनीतिक दलों के मुख्यालयों और बड़े नेताओं के सरकारी आवासों के लिए जानी जाती है।
बहादुर शाह जफर मार्ग: भारत के अंतिम मुगल सम्राट और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के नायक बहादुर शाह जफर के नाम पर बनी यह सड़क पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली को जोड़ती है। इसे दिल्ली का ‘लीट स्ट्रीट’ भी कहा जाता था क्योंकि यहां कई प्रमुख समाचार पत्रों के दफ्तर स्थित हैं।
बाबा खड़क सिंह मार्ग: स्वतंत्रता सेनानी बाबा खड़क सिंह के नाम पर बनी यह सड़क पहले इरविन रोड के नाम से जानी जाती थी। आज यह सड़क कनॉट प्लेस के पास विभिन्न राज्यों के एम्पोरियम के लिए फेमस है।

