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दिल्ली के जाम को मात देगा राजधानी का दूसरा नया क्रेबल ब्रिज! 1.8 किलोमीटर होगी लंबाई

दिल्ली में आजादपुर से नॉर्थ कैंपस के बीच रिंग रोड पर 1.8 किमी लंबा केबल ब्रिज बनाया जाएगा। एलिवेटेड कॉरिडोर, नए इंटरचेंज और पेलिकन सिग्नल सिस्टम के जरिए ट्रैफिक जाम कम करने और पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने की योजना है।

नई दिल्ली: आजादपुर से दिल्ली यूनिवर्सिटी नॉर्थ कैंपस के बीच रिंग रोड को जाम फ्री करने के लिए $1.8$ किमी लंबा केबल ब्रिज बनाया जाएगा। सिग्नेचर ब्रिज के बाद यह दिल्ली का दूसरा केबल ब्रिज होगा। केबल ब्रिज रिंग रोड पर बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर का ही हिस्सा होगा। वजीराबाद की ओर आउटर रिंग रोड पर जाने के लिए एक यू-टर्न भी बनाया जाएगा। रिंग रोड पर केबल ब्रिज बनाने का मकसद यह है कि इस स्ट्रेच में जमीन की उपलब्धता काफी कम है। अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के चलते अंडरग्राउंड टनल का स्कोप भी नहीं बचा है।

पीडब्ल्यूडी अफसरों के अनुसार आजादपुर चौक से डीएनडी फ्लाईओवर के बीच रिंग रोड का यह स्ट्रेच करीब $23.6$ किमी लंबा है। इस पूरे स्ट्रेच को तीन फेज में बांटा गया है। पहला फेज आजादपुर चौक से मेटकॉफ हाउस, दूसरा फेज मजनू के टीला से सलीमगढ़ फोर्ट और तीसरा फेज सलीम गढ़ फोर्ट से डीएनडी फ्लाईओवर है। इस स्ट्रेच में रिंग रोड पर रोजाना जितना ट्रैफिक है, उसका $46$ प्रतिशत ट्रैफिक इसी स्ट्रेच में है। इसलिए सबसे पहले ही जाम फ्री करने का प्लान है।

केबल ब्रिज बनाने की योजना

आजादपुर चौक से एलिवेटेड कॉरिडोर को आगे ले जाने के लिए जीटीबी नगर मेट्रो स्टेशन से विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के बीच स्पेस काफी कम है।
दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच की दूरी करीब $900$ मीटर है। दोनों स्टेशनों के बीच रिंग रोड पर सिग्नेचर ब्रिज की तरह ही $1.8$ किमी लंबा केबल ब्रिज बनाने की योजना है।

इसके आगे मेटकॉफ हाउस से पूर्वी दिल्ली की ओर जाने के लिए यमुना पर करीब $500$ मीटर लंबा ब्रिज बनाया जाएगा।
इतना ही नहीं जो लोग सराय काले खां की ओर से आ रहे हैं और उन्हें दिल्ली सचिवालय जाना है, उनके लिए एक एलिवेटेड यू-टर्न भी बनाया जाएगा।
$55$ किमी लंबे एलिवेटेड रिंग रोड कॉरिडोर पर कुल $15$ इंटरचेंज बनाए जाएंगे, जिसमें से $10$ इंटरचेंज आजादपुर चौक से डीएनडी फ्लाईओवर के बीच होगा।
इसी तरह से $55$ किमी स्ट्रेच में $23$ एक्सेस रैंप बनाने की योजना है, ताकि लोगों को एलिवेटेड कॉरिडोर पर चढ़ने-उतरने की सुविधा मिले।
इसमें से $8$ रैप आजादपुर चौक से डीएनडी के बीच होंगे।

बटन दबाइए, ट्रैफिक रोकिए और रोड क्रॉस कीजिए

जिस तरह से अहमदाबाद के सीजी रोड पर पैदल रोड क्रॉस करने वालों के लिए विदेशों की तर्ज पर पेलिकन पुश बटन पेडेस्ट्रियन सिग्नल सिस्टम लगाया गया है, उसी तरह दिल्ली में भी आउटर रिंग रोड पर ओखला मेट्रो स्टेशन के पास पुश बटन सिग्नल सिस्टम लगाने की योजना पीडब्ल्यूडी ने बनाई है।
पीडब्ल्यूडी ने मोदी मिल और कालकाजी फ्लाईओवर के लिए जो प्लान तैयार किया है, उसमें इस सिस्टम को भी शामिल किया गया है।

पुश बटन सिग्नल सिस्टम की टाइमिंग $25$ सेकंड होगी।

दिल्ली में इस तरह की कवायद पहली बार होगी। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, मोदी मिल फ्लाईओवर को एक्सटेंड करने की योजना में कई नई चीजें शामिल की गई हैं।

एनएसआईसी ओखला मेट्रो स्टेशन के पास रोड के ऊपर ही यू टर्न बनाया जाएगा।
लोटस टेंपल के आसपास झुग्गियों के पास रोजाना बड़ी संख्या में लोग पैदल रोड क्रॉस करते हैं।
उनके लिए यहां पुश बटन सिग्नल सिस्टम लगाया जाएगा। इससे आगे रोड पर बना एफओबी हटाया जाएगा।

दूसरी जगहों पर भी लगेगा पेलिकन सिग्नल

अधिकारियों का कहना है कि आउटर रिंग रोड पर यह सिग्नल सिस्टम सफल रहता है, तो दूसरी सड़कों पर भी इसी तरह के सिग्नल लगाए जाएंगे। इस तरह का सिग्नल सिस्टम एफओबी का विकल्प होगा और उसकी तुलना में काफी किफायती भी होगा। कई जगह देखा जाता है कि पैदल रोड क्रॉस करने वालों की संख्या अधिक होने के कारण एफओबी बनाया जाता है, लेकिन निर्माण के बाद लोग उसका इस्तेमाल कम ही करते हैं। इसकी वजह यह है कि लोग एफओबी की सीढ़ियों का इस्तेमाल करना नहीं चाहते। जहां लिफ्ट लगाई जाती है, वहां उसके पार्ट्स चोरी हो जाते है, जिससे लिफ्ट बंद हो जाती है।

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