भोपाल : शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए, मध्य प्रदेश की प्रतिष्ठित LNCT यूनिवर्सिटी ने एक भव्य दीक्षांत समारोह के दौरान विशिष्ट व्यक्तित्व को ‘मानद डॉक्टरेट’ (Honorary Doctorate) की उपाधि से विभूषित किया। यह क्षण तब और भी ऐतिहासिक हो गया जब स्वयं महामहिम राज्यपाल ने अपने कर-कमलों से यह सम्मान प्रदान किया।
अविस्मरणीय पल: जब गूँज उठा सभागार
समारोह में जैसे ही मानद डॉक्टरेट की उपाधि की घोषणा हुई, पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। इस सम्मान को स्वीकार करते हुए सम्मानित विभूति भावुक नजर आए। उन्होंने इस उपलब्धि को निजी सफलता से ऊपर उठकर जन-सेवा का प्रतिबिंब बताया।
सम्मान के बाद संबोधन की मुख्य बातें : सम्मान ग्रहण करने के बाद उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए अपने हृदय के उद्गार व्यक्त किए:
गौरव का क्षण: “LNCT यूनिवर्सिटी द्वारा इस उपाधि से सम्मानित होना मेरे लिए अत्यंत गर्व का विषय है, लेकिन महामहिम राज्यपाल के हाथों इसे ग्रहण करना इस पल को अविस्मरणीय बनाता है।”
जनता को समर्पण: उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह डॉक्टरेट उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं इसे अपने लोगों की ओर से सप्रेम स्वीकार करता हूँ, यह गौरव उन्हीं का है।”
भविष्य का संकल्प: यह सम्मान मिलने के बाद उन्होंने समाज के उत्थान के लिए और भी अधिक ऊर्जा और शक्ति के साथ कार्य करने का संकल्प दोहराया।
समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत
LNCT यूनिवर्सिटी के इस कदम की सराहना करते हुए शिक्षाविदों ने कहा कि ऐसे सम्मानों से न केवल व्यक्ति का मनोबल बढ़ता है, बल्कि समाज में सकारात्मक कार्य करने वाले अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है।

