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1021 वर्ष प्राचीन श्री आदिनाथ प्रभु के दिव्य बिंबों की भव्य पंचाह्निका प्रतिष्ठा महोत्सव

बड़ावदा नगरी में सजेगा भक्ति, श्रद्धा और धर्म आराधना का अनुपम संगम : आज होगा गुरुदेव का मंगल प्रवेश

बड़ावदा नगर में जैन त्रिस्तुतिक समाज के लिए अत्यंत गौरव एवं हर्ष का अवसर आया है। जीर्णोद्धारित एवं नवनिर्मित शिखरबद्ध जिनालय में प्रथम तीर्थंकर भगवान श्री आदिनाथ प्रभु अन्य जिनबिंबों एवं गुरु बिंबों की भव्य पंचाह्निका प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन आज 5 मई से 9 मई तक श्रद्धा एवं भक्ति भाव से संपन्न होगा। इस पावन अवसर पर सकल जैन श्रीसंघों को भावभरा आमंत्रण प्रदान किया गया है।

यह प्रतिष्ठा महोत्सव पुण्यसम्राट युगप्रभावक श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा के पट्टधर गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा. आदि श्रमण-श्रमणी वृंद की मंगलमयी निश्रा एवं शुभाशीर्वाद में आयोजित होगा।

प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ 5 मई से होगा, जबकि मुख्य प्रतिष्ठा दिवस 8 मई 2026, शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा। आयोजन श्री सौधर्म बृहत्तपोगच्छीय त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ, बड़ावदा एंव श्रीसंघ शुभाज्ञा से संघवी श्रीमती वालीबाई सागरमलजी छाजेड़ परिवार, पारा-झाबुआ (मध्यप्रदेश) द्वारा किया जा रहा है।

बड़ावदा स्थित श्री आदिनाथ जिन मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन, गौरवशाली एवं आध्यात्मिक महत्ता से परिपूर्ण रहा है। यह पावन तीर्थ लगभग 200 वर्ष से अधिक पुराना माना जाता है। मंदिर में विराजमान भगवान श्री आदिनाथ दादा की दिव्य एवं चमत्कारिक प्रतिमा मंदिर परिसर स्थित एक प्राचीन कुएँ से प्राप्त हुई थी।विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह है कि इस प्रतिमा पर संवत् 1062 की अंजनशलाका अंकित है, जिससे यह प्रतिमा लगभग 1021 वर्ष प्राचीन सिद्ध होती है। यह प्राचीनता इस तीर्थ की ऐतिहासिक एवं धार्मिक महिमा को और अधिक बढ़ाती है।

समय-समय पर इस प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार एवं विकास कार्य संपन्न होता रहा है। विशेष रूप से पूज्य आचार्य श्री राजेन्द्रसूरीश्वरजी महाराजा एवं पुण्यसम्राट युगप्रभावक श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा के पावन आशीर्वाद एवं प्रेरणा से मंदिर के पुनरुद्धार एवं उन्नयन के अनेक कार्य संपन्न हुए, जिससे तीर्थ की महिमा निरंतर विकसित होती रही।साध्वी श्री अविचलदृष्टा श्रीजी म.सा. की प्रेरणा से छाजेड़ परिवार, पारा द्वारा इस भव्य जिनालय के निर्माण का संकल्प लिया गया। 9 मई को प्रातः द्वार उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित होगा। सभी लाभार्थी परिवार द्वारा भगवान श्री आदिनाथ प्रभु एवं गुरु बिंबों की इस दिव्य प्रतिष्ठा
महोत्सव में लाभ लिया गया है।

श्रीसंघ बड़ावदा की शुभाज्ञा से भारतवर्ष के समस्त श्रीसंघों को स्व.समरथमलजी-लीलाबाई सकलेचा परिवार, बड़ावदा द्वारा जय जिनेन्द्र व स्नेह आमंत्रण प्रेषित किया गया है।

बड़ावदा प्रतिष्ठा महोत्सव में जैन त्रिस्तुतिक श्री संघ सचिव ने जानकारी देते हुवे बताया कि आज पांच मई को आचार्य श्री आदि साधु साध्वी मंडल की शुभ निश्रा में श्री महावीर मंगल भवन एवं श्री राजजयंत आराधना भवन का लोकार्पण किया जाएगा।

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