प्रशासन की बड़ी स्ट्राइक : दो दिनों में 4.44 करोड़ की जमीन से हटाया कब्जा, अब तक कुल 325 करोड़ की संपत्ति कराई गई खाली
महानगर मेट्रो ब्यूरो, देवभूमि द्वारका : देवभूमि द्वारका में अवैध निर्माण और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अपनी ‘लाल आंखें’ दिखा दी हैं। धर्मनगरी द्वारका और इसके तटीय इलाकों में पिछले 48 घंटों से चल रही महा-डिमोलिशन ड्राइव ने भू-माफियाओं के बीच हड़कंप मचा दिया है। एसडीएम (SDM) अमोल आवटे के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई में सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों को जमींदोज कर दिया गया।
दहशत में अतिक्रमणकारी: हाईवे से तट तक सफाई
यह बड़ी कार्रवाई 30 अप्रैल और 1 मई को द्वारका-ओखा हाईवे से लेकर मीठापुर तक के इलाकों में की गई। प्रशासनिक अमले ने भारी पुलिस बंदोबस्त के साथ बुलडोजर लेकर अवैध ठिकानों पर धावा बोला।
ताजा कार्रवाई : केवल दो दिनों के भीतर प्रशासन ने 4.44 करोड़ रुपये की बाजार कीमत वाली सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है।
कुल उपलब्धि : SDM अमोल आवटे की अगुवाई में अब तक विभिन्न चरणों में कुल 325 करोड़ रुपये की बेकीमती जमीन को अवैध चंगुल से छुड़ाया जा चुका है।
धार्मिक अतिक्रमण पर भी चला पंजा
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी जमीन पर कोई भी निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस ड्राइव के दौरान उन अवैध धार्मिक ढांचों और निर्माणों को भी ढहा दिया गया, जो बिना अनुमति के सरकारी संपत्तियों पर खड़े किए गए थे। द्वारका की गरिमा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तटीय क्षेत्रों (Coastal Areas) को पूरी तरह साफ करने का लक्ष्य रखा गया है।
एसडीएम अमोल आवटे का सख्त संदेश
कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे एसडीएम अमोल आवटे ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकारी संपत्तियों पर कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी दिनों में भी यह अभियान जारी रहेगा ताकि देवभूमि की पवित्रता और सरकारी संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
द्वारका की बदली तस्वीर
इस मेगा डिमोलिशन के बाद द्वारका-ओखा हाईवे और तटीय पट्टी का नजारा बदल गया है। स्थानीय लोगों के बीच इस कार्रवाई की चर्चा है, वहीं प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि दोबारा अतिक्रमण करने की कोशिश की गई, तो कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ कठोर आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।
क्राइम डेस्क, महानगर मेट्रो

