अहमदाबाद के खाड़िया में भाजपा की हार को आप ने बताया बदलाव की लहर, कहा- अब डर की राजनीति का अंत शुरू
[ब्यूरो रिपोर्ट, महानगर मेट्रो] अहमदाबाद : गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव के परिणाम आने के साथ ही सूबे की सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढवी ने चुनाव परिणामों पर उत्साह व्यक्त करते हुए कहा है कि गुजरात की जनता ने अब स्पष्ट रूप से ‘आप’ को एक मजबूत विकल्प के रूप में स्वीकार कर लिया है। गढवी ने दावा किया कि इन नतीजों ने भाजपा के ‘अजेय’ होने के भ्रम को तोड़ दिया है।
खाड़िया में भाजपा की हार पर बड़ा कटाक्ष
इसुદાન गढवी ने परिणामों का विश्लेषण करते हुए भाजपा के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा,
“भाजपा के उद्गम स्थान माने जाने वाले खाड़िया जैसे क्षेत्रों में पार्टी को मिली करारी पछाड़ यह साबित करती है कि अब हवा बदल रही है। भाजपा ने पिछले 10-12 महीनों से जो धाक-धमकी और तानाशाही की राजनीति शुरू की थी, उसे जनता ने नकार दिया है। सत्ता के जोर पर डर का माहौल लंबे समय तक नहीं चल सकता।”
जनता के भरोसे पर खरा उतरने का वादा
मीडिया से बात करते हुए ‘आप’ प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गुजरात की जनता भाजपा की कार्यशैली से त्रस्त थी और एक विकल्प की तलाश में थी। उन्होंने आगे कहा:
मजबूत लड़ाई: “हम भाजपा की तानाशाही के खिलाफ पूरी मजबूती के साथ लड़े और जनता ने हमारे संघर्ष को अपना समर्थन दिया है।”
भरोसे की जीत: “गुजरात की जनता ने आम आदमी पार्टी पर जो भरोसा जताया है और जो जनादेश दिया है, हम उस पर पूरी तरह खरा उतरेंगे।”
बदलाव का संकेत: गढवी के अनुसार, ये परिणाम केवल स्थानीय निकायों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भविष्य की राजनीति का संकेत हैं।
भाजपा के लिए खतरे की घंटी?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़िया जैसी पारंपरिक सीटों पर भाजपा को मिली चुनौती पार्टी के लिए आत्ममंथन का विषय है। वहीं, आम आदमी पार्टी इन परिणामों को अपनी वैचारिक जीत के रूप में देख रही है। इसुदान गढवी ने स्पष्ट किया कि ‘आप’ अब गुजरात के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में एक निर्णायक ताकत बनकर उभरी है।

